लोकसभा में पेपर लीक बिल पेश :रिजिजू की चेतावनी- चर्चा से भागे सांसदों पर होगा एक्शन

लोकसभा में सोमवार को पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश किया गया। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है।
बिल पेश होते ही विपक्ष का हंगामा
जैसे ही केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विधेयक पेश किया, विपक्षी सांसदों ने सदन में जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही कुछ ही मिनटों बाद दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
किरेन रिजिजू की विपक्ष से अपील
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से हंगामा छोड़कर विधेयक पर चर्चा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पेपर लीक लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है और सभी दलों को इस पर राजनीति करने के बजाय सार्थक चर्चा करनी चाहिए।
'प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के बयान की मांग मुद्दे से ध्यान भटकाना'
विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के बयान की मांग पर रिजिजू ने कहा कि यह असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा कराकर इसे पारित कराना है।
'चर्चा नहीं चाहने वाले सांसदों पर होगी कार्रवाई'
रिजिजू ने कहा कि कुछ सांसद सदन में चर्चा नहीं होने देना चाहते। ऐसे सदस्यों के खिलाफ लोकसभा के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और इसे बाधित नहीं किया जाना चाहिए।
शांभवी चौधरी ने विपक्ष को घेरा
एलजेपी (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि यह विधेयक युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए के सभी सांसद इस पर चर्चा चाहते हैं, लेकिन विपक्ष गंभीर नहीं है और युवाओं के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर बहस से बच रहा है।











