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क्या पण्डोखर सरकार ने बाबा बागेश्वर को ललकारा? 5 सवालों का होगा टेस्ट, 4 सही हुए तो 1.41 करोड़ इनाम

दतिया के पण्डोखर धाम से पर्चा लिखकर भविष्य या लोगों के सवालों के जवाब बताने के दावों को लेकर बड़ी चुनौती सामने आई है। पण्डोखर सरकार के पीठाधीश्वर श्री गुरुशरण जी महाराज ने पांच सवालों में से चार के हूबहू सही जवाब देने पर भी ₹1.41 करोड़ के पुरस्कार की घोषणा की है।
क्या पण्डोखर सरकार ने बाबा बागेश्वर को ललकारा? 5 सवालों का होगा टेस्ट, 4 सही हुए तो 1.41 करोड़ इनाम
पण्डोखर धाम से पर्चा लिखने वाले दरबारों को बड़ी चुनौती

इन दिनों भी बहुत से लोग चमत्कार, पर्ची-पर्चा और दिव्य दरबार जैसी बातों पर विश्वास रखते हैं। लोगों की निजी परेशानियों, भविष्य और जीवन से जुड़े सवालों के जवाब पाने के लिए वे अलग-अलग धार्मिक दरबारों और संतों तक पहुंचते हैं। ऐसे दावों को लेकर अक्सर चर्चा और सवाल भी उठते रहे हैं। अब मध्य प्रदेश के दतिया स्थित पण्डोखर धाम से सामने आई एक घोषणा ने इस बहस को फिर चर्चा में ला दिया है।

पण्डोखर सरकार धाम के पीठाधीश्वर श्री गुरुशरण जी महाराज ने पर्चा लिखकर भविष्य या लोगों के सवालों के जवाब बताने का दावा करने वालों को खुली चुनौती देने की घोषणा की है। इसके साथ ही 1 करोड़ 41 लाख रुपए के पुरस्कार की बात कही गई है। यह चुनौती अप्रैल 2027 में होने वाले 5151 कुण्डीय अश्वमेध राजसूय महायज्ञ के दौरान प्रतियोगिता के रूप में आयोजित किए जाने की बात कही गई है।

चार सही हुए तो भी 1.41 करोड़

पण्डोखर सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक प्रतियोगिता में प्रतिभागी के सामने पांच सवाल रखे जाएंगे। खास बात यह होगी कि इन सवालों के जवाब पहले से लिखकर देने होंगे। घोषणा के अनुसार, यदि कोई प्रतिभागी पांचों सवालों के बिल्कुल सही जवाब देता है तो उसे पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, पांच में से चार सवालों के हूबहू सही जवाब देने पर भी 1 करोड़ 41 लाख रुपए की पुरस्कार राशि देने की बात कही गई है। इसका मतलब यह है कि चुनौती सिर्फ एक सवाल का जवाब देने तक सीमित नहीं होगी। प्रतिभागी को एक साथ कई सवालों के सटीक जवाब देने होंगे।

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आखिर किसे दी गई है चुनौती?

पण्डोखर सरकार की इस घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह चुनौती किसके लिए है? पण्डोखर सरकार ने पर्चा लिखकर भविष्य या लोगों के सवालों के जवाब बताने वालों को 1.41 करोड़ का चैलेंज दिया है। हालांकि, इस ऐलान में किसी संत या धाम का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया है। लेकिन एक वीडियो के बाद बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम चर्चा में आ गया है। वीडियो में पण्डोखर सरकार ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर निशाना साधते हुए उनके भाई के जेल जाने का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जैसे तुम्हारा भाई जेल में है, वैसे ही तुम अंदर जाओगे। इस बयान के बाद दोनों के बीच चल रही बयानबाजी एक बार फिर चर्चा में आ गई। इसी वजह से अब 1.41 करोड़ की चुनौती को भी बागेश्वर धाम से जोड़कर देखा जा रहा है। 

अप्रैल 2027 में होगी असली परीक्षा

पण्डोखर धाम के व्यवस्थापक सचिन मिश्रा के मुताबिक, यह घोषणा त्रिकालदर्शी दिव्य दरबार में सत्संग के दौरान श्री गुरुशरण जी महाराज ने की। बताया गया है कि प्रतियोगिता 20 से 28 अप्रैल 2027 तक होने वाले 5151 कुण्डीय अश्वमेध राजसूय महायज्ञ के दौरान आयोजित की जाएगी। यानी अभी इस चुनौती के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना होगा। अप्रैल 2027 में जब यह प्रतियोगिता होगी, तभी यह साफ होगा कि कितने लोग इसमें हिस्सा लेते हैं और चुनौती की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है।

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चुनौती का मकसद क्या बताया गया?

पण्डोखर सरकार की ओर से इस चुनौती का उद्देश्य पर्चा लिखकर भविष्य बताने या लोगों के सवालों के जवाब देने संबंधी दावों की वास्तविकता सामने लाना बताया गया है। इसमें किसी व्यक्ति की निजी समस्या बताने के बजाय पहले से तय सवालों के जवाब देने की बात सामने आई है। यानी प्रतिभागी को बिना किसी अतिरिक्त जानकारी के सवालों के सही जवाब देने होंगे। यही वजह है कि इस चुनौती को लेकर अभी से चर्चा शुरू हो गई है। अगर कोई व्यक्ति पांच में से चार सवालों के भी हूबहू सही जवाब देता है, तो उसे 1.41 करोड़ मिलने की घोषणा की गई है।

अभी सामने नहीं आए हैं पूरे नियम

हालांकि, इस प्रतियोगिता की पूरी तस्वीर अभी साफ नहीं है। आयोजकों के मुताबिक विस्तृत नियम बाद में जारी किए जाएंगे। इन नियमों में कौन प्रतियोगिता में शामिल हो सकता है, पंजीयन कैसे होगा, सवाल किस तरह तैयार किए जाएंगे, सवाल किसके द्वारा पूछे जाएंगे, जवाबों की जांच कौन करेगा और पुरस्कार किस प्रक्रिया के तहत दिया जाएगा- इन सभी बातों की जानकारी बाद में सामने आएगी। इसलिए फिलहाल सबसे बड़ी जानकारी 1.41 करोड़ के पुरस्कार और पांच में से चार सवालों के सही जवाब की चुनौती को लेकर है।

धार्मिक दावों पर फिर छिड़ सकती है बहस

पर्चा, भविष्य बताने और दिव्य दरबार के जरिए लोगों की समस्याओं का समाधान बताने के दावे लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। ऐसे में पण्डोखर सरकार की यह घोषणा इस विषय पर एक नई बहस को जन्म दे सकती है। एक तरफ ऐसे दरबारों में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं, वहीं दूसरी तरफ इन दावों की जांच और प्रमाण को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। अब इस पूरी चुनौती की अगली तस्वीर अप्रैल 2027 में सामने आएगी।

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MP में दिव्य दरबार के लिए चर्चित नाम

मध्य प्रदेश में पर्चा लिखकर लोगों की समस्याएं बताने वाले चर्चित नामों में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पण्डोखर सरकार के गुरुशरण महाराज, राजगढ़ के हनुमंत दास, निवाड़ी के ऋषि कृष्ण शास्त्री और सिंगरौली के रामसिया शर्मा का नाम सामने आता रहा है। इन दरबारों में लोगों की समस्याएं पर्चे पर लिखकर समाधान बताने के दावे किए जाते हैं।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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