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गलत भी नहीं कह सकते, सही भी नहीं...Gen-Z पर बाबा बागेश्वर की दो टूक

बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने Gen-Z पर बात करते हुए कहा कि युवाओं को जोश के साथ होश भी बनाए रखना चाहिए। उन्होंने स्मार्टफोन और सोशल मीडिया की लत पर चिंता जताई और कहा कि नई सोच के साथ पुराने संस्कारों और परंपराओं को भी बनाए रखना जरूरी है।
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गलत भी नहीं कह सकते, सही भी नहीं...Gen-Z पर बाबा बागेश्वर की दो टूक
Gen -Z काे लेकर बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि युवाओं को जोश के साथ होश भी बनाए रखना है।

भोपाल। बागेश्वर धाम के पीछाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने Gen-Z को लेकर अपनी राय रखी है। एक बातचीत में उनहोंने युवाओं की सोच, उनके आंदोलनों में भाग लेने के तरीके और स्मार्टफोन-सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल पर बात की। बाबा बागेश्वर ने Gen-Z को न तो पूरी तरह गलत बताया और न ही पूरी तरह सही। उन्होंने युवाओं को जोश के साथ होश बनाए रखने की सलाह दी। 

'इस देश का भविष्य भी युवा है'

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भारत को खड़ा करने में युवाओं की बड़ी भूमिका रही है। उनके मुताबिक देश की आजादी से लेकर उसकी सुरक्षा और भविष्य तक में युवाओं की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि इस देश को युवाओं ने आजाद करवाया है। इस देश की रक्षा भी युवाओं के हाथ में है...इस देश का भविष्य भी युवा है। बाबा बागेश्वर के मुताबिक युवा देश की ताकत हैं और उनकी ऊर्जा का इस्तेमाल देश के निर्माण में होना चाहिए। उन्होंने Gen-Z की तेज रफ्तार और नई सोच को स्वीकार करते हुए कहा कि इसे सही दिशा देना भी उतना ही जरूरी है। 

'गति में रहना है, लेकिन होश नहीं खोना है'

Gen-Z के आंदोलनों और अपनी बात रखने के तरीके पर भी बाबा बागेश्वर ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि युवाओं का अपनी बात रखना जरूरी है, लेकिन विरोध का तरीका ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे देश की स्थिति प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि इनकी गति बहुत है। गति से प्रगति तो होती है। इनको गलत भी नहीं कहा जा सकता मगर सही भी नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि जोश जरूरी है, लेकिन उसके साथ समझदारी भी बनी रहनी चाहिए। उनके शब्दों में, "गति में तो रहना है, जोश में तो रहना है मगर होश नहीं खोना है। क्रोध में तो रहना है लेकिन बोध नहीं खोना है।"

'विचार नए हों, लेकिन संस्कार पुराने दिखें'

बाबा बागेश्वर ने Gen-Z की आधुनिक सोच और भारतीय परंपराओं के बीच संतुलन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं के विचार नए हो सकते हैं, लेकिन उनके संस्कार और अपनी संस्कृति से जुड़ाव कायम रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी बात रखने के लिए नए तरीकों को अपनाना चाहिए, चाहे वह प्रदर्शन हो, आंदोलन हो या हड़ताल। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि विरोध के किसी भी तरीके से देश की स्थिति और कामकाज पर गंभीर असर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं को बाहरी ताकतों के प्रभाव से बचने की सलाह देते हुए कहा कि देश में फूट डालने की कोशिश करने वालों के हाथों की कठपुतली नहीं बनना चाहिए।

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'भारत को बांग्लादेश और पाकिस्तान की तरह नहीं करना है'

बाबा बागेश्वर ने भारत की स्थिति की तुलना पड़ोसी देशों से करते हुए युवाओं से देश की एकता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमें बांग्लादेश और पाकिस्तान की तरह नहीं करना है। हम भारत हैं, विश्व का भविष्य हैं। आने वाले विश्व के विश्व गुरु हैं। उनका कहना था कि युवाओं की ऊर्जा और विचार देश को आगे ले जाने में इस्तेमाल होने चाहिए, न कि ऐसी गतिविधियों में जिनसे देश की स्थिति कमजोर हो।

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'युवा ड्रग नहीं, स्मार्टफोन के एडिक्ट हो गए'

बाबा बागेश्वर ने युवाओं में बढ़ते स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी की एक बड़ी समस्या नशे के साथ-साथ डिजिटल एडिक्शन भी है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी ड्रग एडिक्ट नहीं बल्कि स्मार्टफोन एडिक्ट बन गए हैं। सोशल मीडिया एडिक्ट है, डाटा एडिक्ट है। उन्होंने आगे कहा कि तकनीक ने युवाओं को पूरी दुनिया से जोड़ दिया है, लेकिन इसी दौरान वे अपने परिवार और संस्कारों से दूर होते जा रहे हैं। उनके मुताबिक, ये वर्ल्ड से कनेक्ट हो गए, बस खुद से डिसकनेक्ट हो गए। पूरी दुनिया से ये जुड़ चुके हैं, बस अपनी फैमिली और संस्कारों से दूर हो गए हैं। Gen-Z पर बाबा बागेश्वर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब युवाओं की नई सोच, सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता और विरोध के नए तरीकों को लेकर लगातार बहस होती रहती है। उनकी बात का मूल संदेश यही रहा कि आधुनिक सोच और तेज रफ्तार के साथ युवाओं को विवेक, संस्कार और देश के प्रति जिम्मेदारी को भी साथ लेकर चलना चाहिए।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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