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भारत की आजादी पर पाकिस्तानी अखबार ने छापा था ‘सम की-मैन ऑफ हिंदुस्तान’

माधव राव सप्रे संग्रहालय में15 अगस्त1947 के समाचार-पत्रों का संग्रह
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भारत की आजादी पर पाकिस्तानी अखबार ने छापा था ‘सम की-मैन ऑफ हिंदुस्तान’

‘सदियों की गुलामी के बाद भारत आज से स्वतंत्र...’, पंडित नेहरू स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री। 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दैनिक प्रताप ने इसी हेडिंग के साथ देश को आजादी की सूचना दी थी। उस दिन प्रकाशित गोदरेज व टाटा जैसी कंपनियों के विज्ञापन भी भारत की स्वतंत्रता के संदेशों से सजे हुए थे। वहीं हिंदुस्तान अखबार ने हेडिंग में लिखा था, ‘शताब्दियों की दासता के बाद भारत में स्वतंत्रता का मंगल प्रभात’। राजधानी के सप्रे संग्रहालय में 15 अगस्त 1947 के दिन प्रकाशित अखबारों को संकलित किया गया है, जिन्हें हम 77 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रहे हैं।

डॉन अखबार ने बनाया था फोटो फीचर

डॉन अखबार के पाकिस्तान सप्लीमेंट ने 15 अगस्त 1947 को फोटो फीचर प्रकाशित किया जिसका शीर्षक था, सम की-मैन ऑफ हिंदुस्तान। इसमें फोटो कैप्शन में लॉर्ड माउंटबेटन (गर्वनर जनरल ऑफ हिंदुस्तान), मि.एमएम गांधी, मि. वीजे पटेल, पंडित जवाहर लाल नेहरू, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और डॉ. सी. राजगोपालाचारी लिखा गया।

स्वतंत्र भारत में पहला विज्ञापन द ग्रेड डे हुआ था प्रकाशित

इलाहाबाद से प्रकाशित द लीडर अखबार के अंतिम पृष्ठ पर टाटा इंडस्ट्रीज लिमिटेड का विज्ञापन 15 अगस्त 1947 को प्रकाशित हुआ जिसमें एड हेडलाइन थी, ए ग्रेट डे।

मैथिलीशरण गुप्त ने लिखी थी वीर अर्जुन में कविता

वीर अर्जुन समाचार पत्र में लीड खबर की हेडिंग थी, ‘एक हजार वर्षों बाद भारत फिर से स्वाधीन हो गया’। मैथिलीशरण गुप्त द्वारा हस्ताक्षरित उनकी कविता, ‘यह पुण्य पताका फहरे, मुक्त वायुमंडल में अपनी मानस लहरी लहरे’ प्रकाशित हुई थी।

अल्पसंख्यकों को दिया निर्भयता का आश्वासन

दैनिक प्रताप में ‘सदियों की गुलामी के बाद भारत आज से स्वतंत्र’ हेडिंग व सब - हेडिंग में देश-विदेश से पं. नेहरू को बधाई के संदेश, लार्ड माउंट को गवर्नर जनरली का पद प्रदत्त लिखा गया। डॉ. राजेंद्र द्वारा भारत के अल्पसंख्यकों को निर्भयता का आश्वासन हेडिंग से खबर छपी। गणेशशंकर विद्यार्थी ने अपने तीन साथी शिव नारायण मिश्र, नारायण प्रसाद अरोड़ा और यशोदानंदन के साथ मिलकर 9 नवंबर 1913 को उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में प्रताप की नींव डाली थी।

(इनपुट-प्रीति जैन)
Javedakhtar Ansari
By Javedakhtar Ansari

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