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पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में गैस विस्फोट के बाद कोयला खदान धंसी, 12 मजदूरों की मौत

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में गैस विस्फोट के बाद कोयला खदान धंसी, 12 मजदूरों की मौत
कराची। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में घातक गैस विस्फोट के बाद कोयला खदान धंस गई। इस हादसे में 12 मजदूरों की मौत हो गई। 8 मजदूरों को बचा लिया गया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। पाकिस्तान की डॉन मीडिया के मुताबिक, यह घटना हरनाई जिले के जरदालो इलाके में हुई।

मीथेन गैस से विस्फोट हुआ

बलूचिस्तान के मुख्य खदान निरीक्षक अब्दुल गनी बलौच के हवाले से खबर में कहा गया है कि जरदालो इलाके में रात में जब मीथेन गैस से विस्फोट हुआ और उस दौरान 20 मजदूर खदान में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर बुधवार सुबह तक राहत-बचाव का कार्य पूरा हो गया। इस दौरान बचाव दल ने 12 मजदूरों के शव बरामद किए हैं, जबकि आठ मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बलौच ने कहा कि रात में दो शव बरामद किए गए थे, जबकि सुबह दस और शव निकाले गए। डॉन की खबर के मुताबिक, प्रांत के खनन महानिदेशक अबदुल्ला शाहवानी ने भी इस हादसे के मृतकों की संख्या की पुष्टि की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दुर्घटना में मारे गए लोगों के प्रति गहरा दुख प्रकट किया है।

सरकार घायलों, पीड़ित परिवारों को हर संभव राहत प्रदान करेगी : प्रधानमंत्री

पाकिस्तान रेडियो के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने घायल खनिकों को हर संभव चिकित्सा उपचार प्रदान कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने ऐसी घटनाओं को बेहद दर्दनाक और दुखद बताते हुए कहा कि सरकार घायलों और पीड़ित परिवारों को हर संभव राहत प्रदान करेगी। पाकिस्तान के कोयला उत्पादन में बलूचिस्तान प्रांत 50 प्रतिशत का योगदान देता है।

पाकिस्तान में होती रहती हैं खदान दुर्घटनाएं

पाकिस्तान में खदान दुर्घटनाएं आम है। यह मुख्य रूप से गैस के कारण होती है। खदान श्रमिकों ने बार-बार यह शिकायत की है कि कोयला खदानों में सुरक्षा के अभाव और खराब कामकाजी परिस्थितियों के कारण लगातार ऐसी दुर्घटनाएं होती हैं। बलूचिस्तान के डुकी कोयला क्षेत्र में पिछले साल दिसंबर में एक निजी खदान में आग लग गई थी, जिसमें दो कोयला खनिकों की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे। वहीं, सिंध के जमशोरो में सितंबर के महीने में एक कोयला खदान के धंसने से तीन श्रमिक मलबे के नीचे दब गए थे। उसी साल फरवरी में, डुकी और शारग कोयला क्षेत्रों में दो कोयला खदान दुर्घटनाओं में तीन खनिक मारे गए और चार अन्य घायल हो गए थे। हरनाई जिले में साल 2022 में कोयला खदान के अंदर गैस विस्फोट होने से छह खनिकों की मौत हो गई थी। ये भी पढ़ें- इंडोनेशिया के असेह प्रांत के पास नाव डूबी, रोहिंग्या मुसलमानों को ले जा रही थी; मछुआरों ने 6 शरणार्थियों को बचाया
Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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