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पैकेज्ड फूड्स की वजह से बढ़ सकता है प्रीटर्म बर्थ का खतरा

अमेरिका की न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का दावा
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पैकेज्ड फूड्स की वजह से बढ़ सकता है प्रीटर्म बर्थ का खतरा

न्यूयॉर्क। अमेरिका की न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा हाल ही में की गई स्टडी में दावा किया गया है कि बच्चे का जन्म अगर समय से पहले (9 महीने पूरे होने से पहले) हो तो यह उसके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं, क्योंकि समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चे या प्री-टर्म बेबीज को भविष्य में स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। दुनियाभर में प्री-टर्म डिलिवरीज के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। स्टडी में दावा किया गया है कि फेथलेट्स नामक एक सिंथेटिक केमिकल प्री-टर्म बर्थ का खतरा बढ़ा सकता है। यह केमिकल प्लास्टिक को पिघलाने और नरम बनाने के लिए उसमें मिलाया जाता है।

यह प्लास्टिक के हर सामान में मौजूद होता है और प्लास्टिक के बर्तनों, डिब्बों और यहां तक कि खाने-पीने की चीजों की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक में पाया जाता है। बता दें, अगर समय से पहले बच्चे का जन्म हो तो बच्चों का विकास अधूरा रह जाता है, इसलिए प्री-मैच्योर बच्चों की हेल्थ पर ध्यान रखना पड़ता है।

इनमें होते हैं केमिकल

फेथलेट्स केमिकल वाले प्लास्टिक से खाना पैक करने के डिब्बे, फूड रैपर, ब्यूटी प्रॉडक्ट्स के पैकेट और बच्चों के खिलौने भी बनाए जाते हैं। केमिकल की वजह से शरीर में हार्मोन्स के स्तर में असंतुलन आ सकता है। समयपूर्व प्रसव या प्री-टर्म बर्थ और फूड पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले डाइ- 2-एथिलहैक्सिल फेथलेट्स (डीईएचपी) केमिकल में संबंध देखा गया है।

10 फीसदी मामले आए प्री-टर्म के

इस स्टडी के प्रमुख लेखक और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के पर्यावरण बाल चिकित्सा विभाग के निदेशक डॉ. लियोनार्डो ट्रैसांडे ने बताया कि साल 2018 में प्रीटर्म जन्म के कुल मामलों में से 5 से 10 प्रतिशत मामलों में (कुल लगभग 57000 प्री टर्म बर्थ मामले) के लिए डीईएचपी और उससे मिलते-जुलते 3 केमिकल्स को जिम्मेदार पाया गया।

ऑक्सीजन और पोषक तत्व प्लेसेंटा से प्राप्त करता है भ्रूण

 शोधकर्ताओं ने स्टडी में दावा किया है कि फेथलेट्स हार्मोन्स के लिए अवरोधक की तरह काम करता है और यह केमिकल प्लेसेंटा के कामकाज में भी अड़चन डालता है। इससे सूजन बढ़ सकती है। बता दें, गर्भ में पल रहे भ्रूण को ऑक्सीजन और पोषक तत्व प्लेसेंटा के माध्यम से ही प्राप्त होते हैं।

जन्म लेने के बाद शिशुओं को घेर लेती हैं बीमारियां

  • कुछ बीमारियों और मेडिकल कारणों से कुछ गर्भवती महिलाओं के बच्चे का जन्म समय से पहले हो सकता है।
  • अगर प्रेगनेंट महिला की उम्र अधिक हो तो इससे भी प्री-टर्म बर्थ का खतरा बढ़ जाता है।
  • समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों में जन्म के समय जान का खतरा अधिक होता है।
  • इन बच्चों में लो बर्थ वेट, अंगों का अधूरा विकास, ठीक से दिखाई ना देने और सांस लेने से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।
People's Reporter
By People's Reporter

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