Shopian Operation:5 दिन की घेराबंदी के बाद बड़ी कार्रवाई, शोपियां में लश्कर कमांडर जाकिर गनी ढेर

शोपियां। जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों को आतंकियों के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी जाकिर अहमद गनी को मार गिराया। जाकिर लंबे समय से दक्षिण कश्मीर क्षेत्र में सक्रिय था और सुरक्षा एजेंसियों की नजर में था। आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद शुरू किया गया ऑपरेशन कई दिनों तक चला। संयुक्त अभियान में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान शामिल रहे।
पांच दिन की घेराबंदी के बाद मिली कामयाबी
शोपियां के चनापोरा और मीमांदर इलाके में आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान शुरू किया था। अधिकारियों के मुताबिक, तीन जुलाई को निगरानी कैमरों में दो संदिग्ध आतंकियों की गतिविधियां देखी गई थीं। इसके बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। सुरक्षाबलों ने जंगल और घने बागों वाले क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। करीब पांच दिनों तक चले ऑपरेशन के बाद जाकिर अहमद गनी का शव बरामद किया गया। वहीं, एक अन्य आतंकी लतीफ भट के छिपे होने की आशंका को देखते हुए अभियान जारी है।
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सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने संभाला मोर्चा
इस ऑपरेशन में सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और CRPF की कई बटालियन शामिल रहीं। सुरक्षाबलों ने आतंकियों के भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद करने के लिए इलाके में अतिरिक्त जवान तैनात किए। सेना की आतंकवाद रोधी यूनिट ‘विक्टर फोर्स’ ने घने पेड़ों और बागों वाले क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई। रात के समय इलाके में रोशनी की व्यवस्था भी की गई, ताकि आतंकियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
गोलीबारी के बाद शुरू हुई मुठभेड़
जब सुरक्षाबल इलाके में आगे बढ़ रहे थे तो आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद दोनों ओर से फायरिंग हुई। सुरक्षाबलों ने सावधानी के साथ पूरे क्षेत्र को घेरकर जवाबी कार्रवाई की। गर्मियों में कश्मीर के कई इलाकों में घने पेड़-पौधे और जंगल आतंकियों को छिपने में मदद करते हैं। इसी वजह से ऐसे इलाकों में ऑपरेशन चलाना सुरक्षाबलों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है।
कुलगाम का रहने वाला था जाकिर गनी
जाकिर अहमद गनी दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले का रहने वाला था। वह साल 2024 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा था। सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड में उसका नाम कई मामलों में सामने आया था। जाकिर उन आतंकियों में शामिल था, जिनकी तलाश सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से कर रही थीं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद जारी की गई आतंकियों की सूची में भी उसका नाम शामिल था।
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14 आतंकियों की सूची में अब कई मारे गए
सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ समय पहले 14 स्थानीय आतंकियों की सूची जारी की थी। जाकिर गनी की मौत के बाद इस सूची में शामिल कई आतंकियों का सफाया हो चुका है। अब बाकी आतंकियों की तलाश जारी है। सुरक्षाबलों का कहना है कि Jammu & Kashmir में आतंकवाद के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा जा रहा है।











