Jabalpur Building Collapse:अचानक भरभराकर गिरी 4 मंजिला इमारत, बड़ा हादसा टला

जबलपुर। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। प्रदेश के कई जिलों में लगातार तेज बारिश हो रही है, जिसका असर अब शहरों की पुरानी और जर्जर इमारतों पर भी दिखाई देने लगा है। इसी बीच जबलपुर के सबसे व्यस्त बाजारों में शामिल बड़ा फुहारा इलाके में 4 मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत गिरते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही सेकंड में पूरी बिल्डिंग मलबे में बदल गई और चारों ओर धूल का गुबार छा गया।
राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं मिली है। हालांकि घटना के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया।
बाजार बंद होने से टला बड़ा हादसा
जानकारी के मुताबिक जिस इमारत में हादसा हुआ, वह काफी समय से खाली पड़ी थी। इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर 'सोसाइटी साड़ी भंडार' नाम से कपड़ों की दुकान संचालित होती थी। मंगलवार को बाजार बंद होने के कारण दुकान नहीं खुली थी। यही वजह रही कि उस समय वहां ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे और एक बड़ा हादसा टल गया। यदि बाजार खुला होता तो वहां बड़ी संख्या में ग्राहक और दुकानदार मौजूद रहते, जिससे जनहानि की आशंका काफी बढ़ सकती थी।
तेज आवाज के साथ जमीन पर आ गिरी इमारत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत गिरने से पहले अचानक तेज गड़गड़ाहट जैसी आवाज सुनाई दी। कुछ ही पल में पूरी बिल्डिंग ढह गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर अपनी जान बचाई। इमारत गिरने से वहां खड़ी एक कार भी मलबे की चपेट में आ गई और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। आसपास की दुकानों और भवनों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
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लगातार बारिश बनी हादसे की बड़ी वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इमारत पहले से ही काफी जर्जर हालत में थी। पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण इसकी दीवारें और नींव कमजोर हो गई थीं। आखिरकार मंगलवार को इमारत अचानक ढह गई।
मकान मालिक ने कही यह बात
जानकारी के अनुसार, इस इमारत के मालिक का नाम राजा जैन है। उन्होंने बताया कि इमारत लगभग 25 से 30 साल पुरानी थी। उन्हें सूचना मिली कि उनकी बिल्डिंग अचानक गिर गई है। राजा जैन ने राहत जताते हुए कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई और कोई घायल भी नहीं हुआ।
मौके पर पहुंची पुलिस और नगर निगम की टीम
हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस, नगर निगम, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। पूरे इलाके को घेरकर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों की भी जांच शुरू कर दी है। मलबा हटाने का काम लगातार जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके नीचे कोई व्यक्ति तो नहीं फंसा है।
रूट डायवर्ट कर खाली कराए गए आसपास के भवन
कोतवाली थाना प्रभारी मानस द्विवेदी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत ट्रैफिक का रूट डायवर्ट किया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास की कई इमारतों को भी खाली कराया गया। पुलिस लगातार स्थानीय लोगों से जानकारी जुटा रही है कि कहीं कोई व्यक्ति मलबे के नीचे तो नहीं दबा है। फिलहाल किसी के फंसे होने की पुष्टि नहीं हुई है।
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फायर ब्रिगेड की टीम ने संभाला मोर्चा
फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। प्रशासन पूरी सावधानी बरत रहा है ताकि किसी तरह का दूसरा हादसा न हो। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरा मलबा नहीं हट जाता, तब तक किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए राहत कार्य पूरी सतर्कता के साथ जारी है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रित
प्रशासन के अनुसार, अभी तक किसी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं और पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है। बारिश के मौसम में ऐसे हादसों को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे जर्जर और कमजोर इमारतों के आसपास जाने से बचें। साथ ही यदि किसी भवन की स्थिति खतरनाक दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत नगर निगम या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।











