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अमेरिका में महंगाई बढ़ने के संकेत!तेल की कीमतों से बढ़ी चिंता, आम लोगों पर पड़ेगा असर

अमेरिका में फरवरी 2026 में महंगाई दर 2.50 फीसदी के आसपास थी लेकिन अब हालात तेजी से बदलते दिख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के साथ चल रहे तनाव के कारण महंगाई 4 फीसदी या उससे भी ऊपर जा सकती है।
तेल की कीमतों से बढ़ी चिंता, आम लोगों पर पड़ेगा असर
AI Generated Image
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अमेरिका में फरवरी 2026 में महंगाई दर 2.50 फीसदी के आसपास थी लेकिन अब हालात तेजी से बदलते दिख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के साथ चल रहे तनाव के कारण महंगाई 4 फीसदी या उससे भी ऊपर जा सकती है। इससे आम लोगों के खर्च में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।

    पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल

    युद्ध के कारण फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल की औसत कीमत बढ़कर करीब 4.09 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गई है जो पिछले कुछ वर्षों का उच्च स्तर है। वहीं डीजल की कीमत भी काफी बढ़ गई है जिससे खेती, उद्योग और परिवहन पर सीधा असर पड़ रहा है।

    ये भी पढ़ें: ‘होर्मुज स्ट्रेट खोलो वरना नरक में जाओगे’ - ट्रंप की ईरान को कड़ी धमकी

    Amazon ने लगाया सरचार्ज, डिलीवरी होगी महंगी

    बढ़ती लागत का असर अब कंपनियों पर भी दिखने लगा है। Amazon ने 17 अप्रैल से थर्ड-पार्टी सेलर्स पर 3.5 फीसदी का फ्यूल और लॉजिस्टिक्स सरचार्ज लगाने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि अब तक वह बढ़ती लागत खुद वहन कर रही थी लेकिन अब ऐसा करना मुश्किल हो गया है।

    डाक और लॉजिस्टिक्स कंपनियों ने भी बढ़ाए चार्ज

    यूनाइटेड स्टेट्स पोर्टल सर्विस ने भी पार्सल डिलीवरी पर 8 फीसदी तक का अस्थायी फ्यूल सरचार्ज लगाने की मांग की है। इसके अलावा UPS और FedEx ने भी अपने चार्ज बढ़ा दिए हैं।

    हवाई सफर भी हुआ महंगा

    जेट फ्यूल की कीमतों में उछाल के कारण एयरलाइंस कंपनियों की लागत बढ़ गई है। इसकी भरपाई के लिए टिकटों के दाम बढ़ाए जा रहे हैं जिससे यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य बना बड़ी वजह

    इस पूरे संकट की सबसे बड़ी वजह होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव है। यहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल गुजरता है। अगर यह संकट लंबा चला तो ग्लोबल सप्लाई पर असर पड़ सकता है और कीमतें और बढ़ सकती हैं।

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    फेड की चेतावनी, आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें

    फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ शिकागो के अध्यक्ष ऑस्टन डी. गूल्सबी ने चेतावनी दी है कि अगर ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ती रही तो इसका असर बाकी वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ेगा। इससे उपभोक्ताओं को ‘स्टिकर शॉक’ का सामना करना पड़ सकता है। ग्लोबल संकट का असर अमेरिका पर भी साफविशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक क्षेत्रीय संकट नहीं है बल्कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। जेपी मॉर्गन चेस की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका पर असर देर से दिखेगा, लेकिन अगर हालात नहीं सुधरे तो आने वाले महीनों में सप्लाई और कीमतों दोनों पर दबाव बढ़ सकता है।

    Sumit  Shrivastava
    By Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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