सीहोर में गरमाई छात्र राजनीति, NSUI ने प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव और निष्पक्ष मतदान की उठाई मांग

सीहोर। जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा मध्यप्रदेश में सितंबर के प्रथम सप्ताह तक छात्रसंघ चुनाव कराने के निर्देश के बाद प्रदेशभर की तरह सीहोर में भी छात्र राजनीति ने रफ्तार पकड़ ली है। एनएसयूआई ने हाईकोर्ट के निर्देशों का स्वागत करते हुए राज्य सरकार से प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग उठाई है। संगठन ने इसे विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत बताते हुए जिले में सघन सदस्यता अभियान का भी शुभारंभ कर दिया है।
हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष हरिओम सिसोदिया की अध्यक्षता एवं युवक कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र ठाकुर की उपस्थिति में आयोजित पत्रकार वार्ता में संगठन ने जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देशों का स्वागत किया। नेताओं ने कहा कि यह फैसला प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का सम्मान है और अब सरकार को बिना किसी विलंब के छात्रसंघ चुनाव कराना चाहिए।
प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की उठाई मांग
हरिओम सिसोदिया ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने चाहिए, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी सीधे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और सहसचिव जैसे पदों के लिए मतदान कर सके। उनका कहना था कि अप्रत्यक्ष प्रणाली में केवल कक्षा प्रतिनिधियों के माध्यम से पदाधिकारियों का चयन होता है, जिससे आम विद्यार्थियों की सीधी भागीदारी सीमित हो जाती है।
दस वर्षों से चुनाव नहीं होने पर जताई चिंता
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिछले लगभग दस वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के कारण छात्र नेतृत्व का विकास प्रभावित हुआ है। उनका कहना था कि महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक वातावरण कमजोर हुआ है, जबकि छात्रसंघ युवाओं को नेतृत्व, संगठन क्षमता और जनहित के मुद्दों पर कार्य करने का अवसर प्रदान करता है।
सरकार और व्यवस्था पर लगाए आरोप
पत्रकार वार्ता के दौरान एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि कई शिक्षण संस्थानों में सत्ता समर्थित छात्र संगठनों को संस्थागत संरक्षण मिलने से छात्र हितों से जुड़े मुद्दे प्रभावी ढंग से सामने नहीं आ पाते। संगठन ने कहा कि उसकी लड़ाई किसी छात्र या संगठन विशेष से नहीं, बल्कि छात्र अधिकारों की अनदेखी करने वाली व्यवस्थाओं और छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ है।
सदस्यता अभियान का हुआ शुभारंभ
बैठक के दौरान एनएसयूआई के सदस्यता अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया गया। संगठन ने घोषणा की कि आज से जिलेभर में सदस्यता अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। कार्यकर्ता महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं जानेंगे और उन्हें छात्रसंघ चुनाव तथा छात्र अधिकारों के महत्व से अवगत कराएंगे।
निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की मांग
एनएसयूआई ने राज्य सरकार से मांग की कि हाईकोर्ट के निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुए सितंबर के प्रथम सप्ताह में निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं। संगठन का कहना है कि इससे छात्र राजनीति को नई दिशा मिलेगी और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूती प्राप्त होगी।
ये भी पढ़ें: राहुल और प्रियंका गांधी से किरेन रिजिजू ने की मुलाकात, परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर मांगा समर्थन
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता कृष्णकांत रिछारिया, तुलसी राजकुमार राठौर, भगत सिंह तोमर, यश यादव, तनीष त्यागी, विक्की विश्वकर्मा, अनुभव सेन, दिव्यांश मालवीय, शुभम त्यागी, विष्णु मालवीय सहित एनएसयूआई के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संगठन ने सदस्यता अभियान को जिलेभर के शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया।












