सियासी हलचल:नीतीश ने राज्यसभा में एंट्री के साथ ही JDU की बुलाई बैठक, बेटे निशांत को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी!

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हमेशा की तरह बिहार में सियासी हलचल को तेज कर दिया है। राज्यसभा में इंट्री के साथ ही अपने इकलौते बेटे के लिए जदयू पार्टी में उनकी प्रबल दावेदारी तय करने की ओर वह कदम बढ़ा चुके हैं।
नीतीश ने राज्यसभा में एंट्री के साथ ही JDU की बुलाई बैठक, बेटे निशांत को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी!
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का फैसला कर लिया है। लेकिन उनके द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद से ही जेडीयू पार्टी के अंदर हलचल तेज हो गई है। इसी सियासी उठा-पटक को शांत व स्पष्ट करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने आज शाम 5 बजे पार्टी की एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में उन्होंने पार्टी के सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों को बुलाया है। पार्टी सदस्यों की यह मीटिंग मुख्यमंत्री आवास पर होगी। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान नीतीश कुमार अपने राजनीतिक फैसले पर पार्टी के सभी नेताओं से विस्तृत चर्चा करेंगे। बिहार में बदलने वाली सियासी स्थिति को लेकर भी नई योजना तैयार की जाएगी। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी में निशांत कुमार को अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।

    राज्य के आने वाले भविष्य पर होगी चर्चा

    बिहार के आने वाले कल को लेकर इस बैठक में मुख्यमंत्री चर्चा करेंगे। जब से नीतीश जी ने राज्यसभा जाने का फैसला लिया है तब से पार्टी के अंदर सियासी हलचल तेज हो चुकी है। पार्टी के कई नेता, विधायक व सांसद मुख्यमंत्री के इस फैसले से सहमति नहीं रखते हैं। पार्टी सदस्यों की इसी नाराजगी और राज्य के आने वाले भविष्य को लेकर रणनीतिक दृष्टि बनाने के उद्देश्य आज शाम को यह मीटिंग बुलाई गई है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में बिहार में होने वाले सियासी हलचल की रणनीति को तय करने के साथ-साथ पार्टी के अंदर नीतीश के इकलौते बेटे निशांत को एक बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है। पार्टी के कई सदस्य अभी भी असमंजस की स्थिति में हैं कि आखिर पार्टी का अगला मुखिया नेता कौन बनेगा?

    सीएम के फैसले से पार्टी कार्यकर्ता नाराज

    नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले से  पार्टी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। कई कार्यकर्ता नीतीश जी के इस निर्णय से पूरी तरह असहज और असहमत महसूस कर रहे हैं। उनका मानना है कि नीतीश कुमार का बिहार की राजनीति में बने रहना बेहद जरूरी है। क्योंकि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ही बिहार में जदयू पार्टी की स्थिति इतनी मजबूत बनी हुई है। यही वजह है कि सारे कार्यकर्ता यह चाहते हैं कि नीतीश कुमार अपने फैसले पर पुनर्विचार करें। पार्टी के अंदर इस मामले पर लागतार चर्चा -परिचर्चा हो रही है।

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    कार्यकर्ताओं ने पोस्टर लगा जताया विरोध

    पार्टी कार्यकर्ताओं का विरोध अब कार्यालय के बाहर सड़कों पर नजर आ रहा है। पटना स्थित जदयू कार्यालय के बाहर पार्टी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के फैसले को लेकर अपनी नाराजगी पोस्टर के जरिए व्यक्त कर रहे हैं। इन पोस्टरों के माध्यम से उन्होंने सीएम से अपने फैसले पर पुर्नविचार करने की अपील की है।  पोस्टर में लिखा है, 'नीति सेवक कर रहा पुकार, नेता करें अपने निर्णय पर पुनः विचार।' इस संदेश के जरिए पार्टी कार्यकर्ता अपनी भावनाएं मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाह रहे हैं। नीतीश के राज्यसभा में जाने के फैसले के बाद से ही यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। 

    पोस्टर ने बढ़ाया विवाद

    नीतीश कुमार के राज्यसभा में नामांकन के बाद से ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने पटना स्थित जदयू कार्यालय के आगे पोस्टर लगाकर विरोध प्रदर्शन जारी कर रखा है। जिससे लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। कई सारे नाराज पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के पोस्टर पर कालिख भी पोती है। लेकिन पार्टी के दिग्गज नेता मामले को संभालने में लगे हैं। सभी को शाम की बैठक में होने वाली चर्चा का बेसब्री से इंतजार है। 

    Geetanjali Sharma
    By Geetanjali Sharma

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