भोपाल:राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन, सीएम मोहन यादव बोले-युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर

नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भोपाल में राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें शिक्षा, कौशल विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को एक साथ आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि विकसित भारत का सपना मजबूत शिक्षा व्यवस्था और संस्कार आधारित ज्ञान से ही पूरा होगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन, सीएम मोहन यादव बोले-युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

भोपाल। प्रशासन अकादमी में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति युवाओं को समय की जरूरत के अनुरूप तैयार कर रही है। कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा विभाग ने 30 राष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू किए। विशेषज्ञों ने शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा, आधुनिक तकनीक और आपदा प्रबंधन को शामिल करने की आवश्यकता बताई।

'मानसिक तनाव का समाधान योग में है'

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि आज मानसिक तनाव पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती बन चुका है और इसका स्थायी समाधान योग और भारतीय जीवन पद्धति में मौजूद है। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती कई समस्याओं की एक वजह भारतीय जीवन मूल्यों से दूर होना भी है। शिक्षा केवल जानकारी तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें ज्ञान, चरित्र और कौशल का संतुलित विकास भी जरूरी है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि विकसित भारत का मजबूत आधार गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा ही बन सकती है।

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'नई शिक्षा नीति से युवाओं के लिए सुनहरा भविष्य'

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं को नैतिक मूल्यों से जोड़ने के साथ उन्हें आधुनिक समय की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रही है। प्रदेश का उच्च शिक्षा विभाग नई शिक्षा नीति के विभिन्न आयामों पर लगातार काम कर रहा है। इसी दिशा में कार्यशाला के दौरान 30 राष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू किए गए, जिससे शिक्षा, शोध और कौशल विकास के नए अवसर मिलेंगे। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार और नवाचार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

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पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परंपरा और कौशल पर फोकस

उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि राज्य सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक पाठ्यक्रमों के साथ जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवहारिक ज्ञान और कौशल से भी सशक्त बनाना है। इसी के साथ उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा उद्योगों की जरूरतों और रोजगार के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों की प्लेसमेंट क्षमता बढ़ेगी। 

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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