मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच फैली इन अफवाहों ने एक बार फिर AI और डीपफेक तकनीक पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि AI के दौर में असली और नकली वीडियो के बीच अंतर करना आम लोगों के लिए लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
पूरे विवाद की शुरुआत एक वायरल वीडियो से हुई, जिसमें कुछ लोगों ने दावा किया कि नेतन्याहू के हाथ में छह उंगलियां दिखाई दे रही हैं। इस आधार पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे AI जनरेटेड वीडियो बताया और सवाल उठाए कि कहीं असली व्यक्ति की जगह डिजिटल डबल तो इस्तेमाल नहीं किया गया। इसके बाद इंटरनेट पर यह थ्योरी तेजी से फैलने लगी कि नेतन्याहू जिंदा हैं या नहीं। चूंकि वे पिछले कुछ समय से कोई भी कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए थे।
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रविवार को नेतन्याहू के आधिकारिक X अकाउंट से एक नया वीडियो शेयर किया गया। इसमें वे एक कैफे में खड़े होकर कॉफी पीते हुए नजर आते हैं और मजाकिया अंदाज में कहते हैं कि लोग उनकी मौत की बात कर रहे हैं, जबकि वे खुद यहां कॉफी पी रहे हैं। लेकिन इस वीडियो पर भी सवाल खड़े हो गए। Elon Musk की कंपनी xAI के AI चैटबॉट Grok ने इसे संभावित डीपफेक बताया। कुछ यूजर्स ने वीडियो में लिप सिंक की गड़बड़ी, कप में कॉफी के स्तर और बैकग्राउंड के असामान्य हिस्सों को लेकर संदेह जताया।
इस विवाद के बीच उस कैफे की ओर से भी तस्वीरें जारी की गईं, जहां नेतन्याहू को कॉफी लेते हुए देखा गया था। कैफे प्रबंधन का कहना है कि इजरायली प्रधानमंत्री वहां आए थे और तस्वीरें उसी समय की हैं। इससे यह दावा मजबूत हुआ कि नेतन्याहू पूरी तरह हेल्थी और एक्टिव हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस अभी भी जारी है।