उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका?9 में से 7 सांसदों की बगावत की चर्चा, शिवसेना के स्थापना दिवस से पहले बढ़ी चिंता

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। खबर है कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के कई सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस से पहले उद्धव ठाकरे को बड़ा राजनीतिक झटका लग सकता है।
दो सांसद पहुंचे दिल्ली, पांच और पहुंचने की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, शिरडी से सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे और यवतमाल से सांसद संजय देशमुख दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं, अन्य पांच सांसदों के भी दिल्ली पहुंचने की खबर है। इस घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है।
अलग गुट बनाकर शिंदे सेना में हो सकते हैं शामिल!
जानकारी के अनुसार, बागी माने जा रहे सांसद पहले अलग गुट बना सकते हैं। इसके बाद उनके मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
किन सांसदों के नाम आ रहे सामने?
जिन सांसदों के बगावत की चर्चा है, उनमें अरविंद सावंत, संजय जाधव, संजय पाटिल, नागेश बापूराव अष्टिकर, ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय देशमुख के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
टूट रोकने में जुटे संजय राउत और अनिल देसाई
पार्टी में संभावित टूट को रोकने के लिए वरिष्ठ नेता संजय राउत और अनिल देसाई दिल्ली में सक्रिय बताए जा रहे हैं। दोनों नेताओं की ओर से सांसदों से लगातार संपर्क बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
'ऑपरेशन टाइगर' की फिर चर्चा
महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ समय से 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा चल रही है। दावा किया जा रहा था कि इसके तहत कुछ सांसद शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, एकनाथ शिंदे पहले ही ऐसे दावों को खारिज कर चुके हैं। शिंदे ने कहा था कि चुनाव खत्म हो चुके हैं और अब किसी भी तरह के 'नंबर गेम' की जरूरत नहीं है।
स्थापना दिवस से पहले बढ़ी सियासी हलचल
19 जून को शिवसेना का 60वां स्थापना दिवस मनाया जाना है। ऐसे में स्थापना दिवस से पहले संभावित राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। यदि सांसदों का यह समूह वास्तव में अलग होता है, तो इसे उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा।
फिलहाल सांसदों के पार्टी छोड़ने या शिंदे गुट में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में सभी की नजरें आने वाले दिनों में होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।











