PM मोदी 16 महीने बाद ट्रंप से मिले :G7 समिट में 5 मिनट चर्चा की, देखे तस्वीरें

एवियन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई। दोनों नेताओं के बीच करीब 5 मिनट तक बातचीत हुई और वे बैठक के दौरान एक-दूसरे के साथ बैठे नजर आए। मोदी और ट्रम्प की यह पहली मुलाकात 16 महीने बाद हुई है। इससे पहले दोनों नेता फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में मिले थे।
ट्रेड डील पर लग सकती है मुहर
व्हाइट हाउस के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ, निवेश, व्यापारिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। दोनों नेताओं के बीच 17 जून की शाम करीब 6:30 बजे विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर भी बातचीत हो सकती है।
G-7 समिट में मैक्रों ने किया स्वागत
G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार दोपहर फ्रांस के एवियन पहुंचे। यहां फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उनका स्वागत किया। समिट के दौरान G-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों और आमंत्रित नेताओं ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। इस सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, ऊर्जा और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
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G7 समिट में मोदी की कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात
फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई प्रमुख वैश्विक नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ बातचीत करते नजर आए। समिट के ग्रुप फोटो सेशन और विभिन्न बैठकों के दौरान नेताओं के बीच कई अनौपचारिक चर्चाएं भी हुईं।
G-7 समिट के वैश्विक मंच से आई तस्वीरों पर एक नजर
मोदी और इमैनुएल मैक्रों किसी बात पर चर्चा कर मुस्कुराते हुए
G7 में शामिल होने पहुंचे वैश्विक नेताओं के साथ पीएम मोदी की तस्वीर
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के साथ PM मोदी
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भी वैश्विक मंच में हिस्सा लेने पहुंची
भारत की 13वीं और मोदी 7वीं बार वैश्विक मंच पर
पार्टनर देश के तौर पर G7 शिखर सम्मेलन में भारत की यह 13वीं भागीदारी है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सातवीं बार इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच का हिस्सा बने हैं। फ्रांस पहुंचने पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उनका स्वागत किया। समिट में वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, ऊर्जा, तकनीक और भू-राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा हो रही है।
12 देशों के नेता हुए शामिल
G7 में सदस्य देशों अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा के अलावा यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। मेजबान देश फ्रांस ने भारत समेत कई अन्य देशों के नेताओं को भी आमंत्रित किया है। इनमें मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यंग और केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो शामिल हैं।
टैरिफ डिप्लोमेसमी से भारत- अमेरिका रिश्तों में खटास
समिट के दौरान भारत और अमेरिका के संबंध भी चर्चा में रहे। हाल के वर्षों में व्यापार, टैरिफ और रणनीतिक मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच कई मतभेद सामने आए हैं। हालांकि, दोनों पक्ष व्यापार समझौते और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं। ऐसे में G7 के मंच पर मोदी और ट्रंप की मुलाकात को द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
क्या है G7 समिट?
G7 (ग्रुप ऑफ सेवन) दुनिया की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा शामिल हैं। यह समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, जलवायु, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर चर्चा के लिए हर साल शिखर सम्मेलन आयोजित करता है।
हर साल बदलती है अध्यक्षता
G7 की अध्यक्षता सदस्य देशों के बीच बारी-बारी से बदलती है। जिस देश के पास अध्यक्षता होती है, वही वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करता है और उसके एजेंडे को तय करने में अहम भूमिका निभाता है। इस साल फ्रांस G7 की अध्यक्षता कर रहा है, इसलिए शिखर सम्मेलन का आयोजन फ्रांस के एवियां शहर में हो रहा है।
इस बार एजेंडे में क्या खास है?
इस साल G7 समिट में दुनिया के सामने मौजूद कई बड़े संकटों पर चर्चा हो रही है। इनमें यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव, गाजा और लेबनान की स्थिति, होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी चुनौतियां और मध्य पूर्व की सुरक्षा प्रमुख मुद्दे हैं।
इसके अलावा वैश्विक आर्थिक असंतुलन, व्यापार, निवेश, सप्लाई चेन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव तथा उसके नियमन पर भी विस्तार से चर्चा की जा रही है। AI को लेकर वैश्विक नियम और जिम्मेदार उपयोग इस समिट के प्रमुख विषयों में शामिल हैं।










