श्रीराम मंदिर चढ़ावा घोटाला :टिन्नू यादव के घर से मिला करोड़ों का सोना, करोड़ों की बेनामी संपत्तियां भी उजागर

छापेमारी में नकदी, लग्जरी कार और मोबाइल बरामद
जांच आगे बढ़ने के साथ ही कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई से पहले पांच प्रमुख संदिग्धों से लगभग दो करोड़ रुपए नकद, एक लग्जरी कार और तीन आईफोन बरामद किए गए। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह संपत्ति और नकदी किन स्रोतों से प्राप्त हुई और इसका मंदिर से जुड़े वित्तीय लेनदेन से कोई संबंध है या नहीं।
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू जांच के केंद्र में
मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी सहयोगी बताए जा रहे रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का नाम प्रमुखता से सामने आया है। 13 जून को उसके पैतृक घर पर हुई छापेमारी में बड़ी मात्रा में शुद्ध सोना बरामद होने की जानकारी सामने आई। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार जब्त सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार दरों के हिसाब से करोड़ों रुपए हो सकती है। फिलहाल इसकी वास्तविक कीमत और स्रोत की जांच जारी है।
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ऑटो चालक से करोड़ों की संपत्ति तक का सफर
जांच एजेंसियों को टिन्नू की संपत्तियों को लेकर भी कई अहम जानकारियां मिली हैं। बताया जा रहा है कि उसके पास अयोध्या और लखनऊ में 50 करोड़ रुपए से अधिक की कथित बेनामी संपत्तियां हैं। खास बात यह है कि कभी ऑटो रिक्शा चलाने वाला टिन्नू आज बड़े कारोबारी नेटवर्क से जुड़ा दिखाई देता है। अयोध्या अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित उसका 70 कमरों वाला छात्रावास भी जांच एजेंसियों की निगरानी में है।
संदिग्ध यात्राओं को लेकर सोमेश आनंद पर नजर
जांच के दौरान सोमेश आनंद का नाम भी सामने आया है, जिसे मंदिर निर्माण से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी का करीबी बताया जा रहा है। एजेंसियों के अनुसार उसने पिछले एक वर्ष में देश के विभिन्न राज्यों की 50 से अधिक यात्राएं की हैं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि इन यात्राओं का संबंध संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों से हो सकता है। उसके बैंक खातों, यात्रा रिकॉर्ड और हवाई टिकटों की बारीकी से जांच की जा रही है।
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आभूषण प्रबंधन से जुड़े अधिकारी भी जांच के दायरे में
रामलला को चढ़ाए गए आभूषणों की देखरेख से जुड़े केडी तिवारी का नाम भी जांच में सामने आया है। उनके घर पर भी छापेमारी की गई है। हाल ही में खरीदी गई करीब डेढ़ करोड़ रुपए की जमीन के सौदे की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि संपत्ति खरीद से जुड़े दस्तावेज मामले में महत्वपूर्ण सुराग दे सकते हैं।
केडी तिवारी का दावा-मेरा काम सीमित था
मीडिया से बातचीत में केडी तिवारी ने कहा, मेरी ड्यूटी महज श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए आभूषणों को तौलकर उन्हें रसीद देने तक सीमित थी, उसके बाद मैं उसे ट्रस्ट के वरिष्ठों को सौंप देता था आगे गहनों के साथ क्या खेल होता था, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। वहीं SIT अब डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक खातों, संपत्ति दस्तावेजों और बरामद सामग्री की जांच कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।












