नेपाल बाढ़ में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 538 पहुंचा, 1500 से ज्यादा लापता; 290 भारतीयों से संपर्क टूटा

नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 538 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, 290 भारतीय नागरिकों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है और उनकी तलाश के प्रयास जारी हैं।
त्रिशूली हाइड्रोपावर की टनल से 350 लोगों का रेस्क्यू
राहत और बचाव अभियान के बीच नेपाली सेना को बड़ी सफलता मिली है। सेना की टीम ने त्रिशूली हाइड्रोपावर की टनल में फंसे 350 मजदूरों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इस हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में कई भारतीय मजदूर भी काम कर रहे थे। सेना के मुताबिक टनल में फंसे सभी मजदूरों का रेस्क्यू कर लिया गया है।

लेंडे नदी का बहाव रुका, बनी अस्थायी झील
नेपाल सरकार के प्लेनेट लैब्स और लैंडसैट की सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से एक और चिंता बढ़ाने वाली जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, रसुवागढ़ी सीमा से करीब 18 किलोमीटर ऊपर लेंडे नदी का बहाव पूरी तरह रुक गया है। पानी के रुकने से नदी के आसपास के इलाके में एक अस्थायी झील बन गई है। नेपाल सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर इस प्राकृतिक झील का बांध टूटता है तो निचले इलाकों में अचानक भीषण बाढ़ आ सकती है।
93 हजार लोग प्रभावित, दूसरी बाढ़ का खतरा
रेड क्रॉस के एक अधिकारी के मुताबिक, नेपाल में कम से कम 93,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और उन्हें तत्काल मदद की जरूरत है। रेड क्रॉस ने संभावित दूसरी बाढ़ को लेकर भी चिंता जताई है। अधिकारियों का कहना है कि सेकेंडरी फ्लड के खतरे को देखते हुए बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।
पाकिस्तान ने नेपाल को मदद का भरोसा दिया
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात की। उन्होंने फ्लैश फ्लड और भूस्खलन में हुई जनहानि पर दुख जताया। शहबाज शरीफ ने कहा कि मुश्किल समय में पाकिस्तान नेपाल की सरकार और जनता के साथ खड़ा है। उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा देते हुए बताया कि पाकिस्तान राहत और बचाव अभियान के लिए आपातकालीन राहत सामग्री भेज रहा है।
नेपाल सरकार ने लिया बड़ा फैसला
आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए नेपाल सरकार ने भी बड़ा फैसला लिया है। सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल के मुताबिक, प्रधानमंत्री और सभी मंत्री अपना एक महीने का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करेंगे। इस राशि का इस्तेमाल बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद और राहत-बचाव अभियान में किया जाएगा।

सिक्किम ने बनाई टास्क फोर्स
नेपाल में फंसे या लापता सिक्किम के लोगों की मदद के लिए राज्य सरकार ने विशेष टास्क फोर्स बनाई है। यह टास्क फोर्स सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक प्रभाकर राय की अध्यक्षता में काम करेगी। टीम केंद्र सरकार, नेपाल स्थित भारतीय दूतावास और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर नेपाल में फंसे सिक्किम के नागरिकों की जानकारी जुटाएगी और उनकी मदद सुनिश्चित करेगी।
तिब्बत में फंसे महाराष्ट्र के 37 तीर्थयात्री काठमांडू रवाना
कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद तिब्बत में फंसे महाराष्ट्र के 37 तीर्थयात्री अब काठमांडू के लिए रवाना हो गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्तक्षेप के बाद शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे तीर्थयात्रियों का समूह सागा से न्यालम चेक-पोस्ट के रास्ते नेपाल की राजधानी के लिए निकला। इन यात्रियों में ठाणे, पुणे, रायगढ़, अलीबाग और डोंबिवली के लोग शामिल हैं। उनकी काठमांडू से वापसी की उड़ान 29 अगस्त को दोपहर 2 बजे निर्धारित है, इसलिए समय पर काठमांडू पहुंचना जरूरी है।

चीन में शी जिनपिंग ने बुलाई अहम बैठक
नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ से पैदा हुई गंभीर स्थिति को लेकर चीन में भी उच्चस्तरीय बैठक हुई। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार को सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक की अध्यक्षता की। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, बैठक की शुरुआत में शी जिनपिंग और अन्य नेताओं ने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के सम्मान में एक मिनट का मौन रखा। बैठक में सीमा क्षेत्र में बाढ़ से पैदा हुई स्थिति और राहत-बचाव से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई।
नेपाल में एक तरफ बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान जारी है, वहीं अस्थायी झील और संभावित दूसरी बाढ़ ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सेना, स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने में जुटी हैं।




















