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NEET Protest:बिहार और असम सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने का किया ऐलान

नीट परीक्षा को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद बिहार और असम सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दोनों राज्यों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और गिरफ्तार लोगों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद आंदोलन से जुड़े छात्रों और समर्थकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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बिहार और असम सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने का किया ऐलान
प्रदर्शनकारियों को मिली राहत

नई दिल्ली। NEET परीक्षा को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच बिहार और असम सरकार ने आंदोलन में शामिल लोगों को राहत देने का फैसला लिया है। दोनों राज्यों ने घोषणा की है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और गिरफ्तार लोगों को कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रिहा किया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय आया है जब आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों ने सरकार से अपने वादे पूरे करने की मांग की थी। सरकार के इस कदम को छात्रों और प्रदर्शनकारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

बिहार और असम सरकार ने किया ऐलान

NEET परीक्षा को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद बिहार और असम सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का फैसला किया है। दोनों राज्यों के गृह विभाग ने कहा है कि आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ आगे कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। जिन मामलों में FIR दर्ज की गई है, उन्हें कानून के अनुसार वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही हिरासत में लिए गए लोगों को भी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिहा किया जाएगा।

बिहार में सैकड़ों लोगों पर हुई थी कार्रवाई

बिहार में आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें कई नाबालिग भी शामिल थे, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। बाकी लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए गए थे। अब राज्य सरकार ने इन मामलों को वापस लेने का फैसला किया है और कहा है कि आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ आगे कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।

असम में भी वापस होंगे दर्ज मामले

असम सरकार ने भी इसी तरह का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने कहा कि नीट विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया था, उनकी समीक्षा कर उन्हें भी कानूनी प्रक्रिया के तहत रिहा किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य सामान्य स्थिति बहाल करना और छात्रों से जुड़े मामलों का शांतिपूर्ण समाधान निकालना है।

आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों ने दी थी चेतावनी

आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना था कि यदि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए और गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया गया तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा। उनका दावा था कि सरकार के साथ हुई बातचीत में इस मुद्दे पर सहमति बनी थी। इसी के बाद सरकार की ओर से दोनों राज्यों में राहत देने से जुड़े फैसले सामने आए हैं।

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सरकार के फैसले से छात्रों को राहत

सरकार के इस फैसले को आंदोलन में शामिल छात्रों और उनके परिवारों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि उनके खिलाफ दर्ज मामलों को खत्म किया जाए ताकि उनका भविष्य प्रभावित न हो।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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