22 लाख NEET स्टूडेंट्स पर ₹1.32 लाख करोड़ का बोझ?प्रियंका गांधी के दावे से गरमाई राजनीति, NTA ने बदले एडमिट कार्ड के नियम

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET एक बार फिर चर्चा में है। एक ओर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है, तो दूसरी ओर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET री-एग्जाम देने वाले छात्रों को राहत देते हुए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के नियम बदल दिए हैं। ऐसे में लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए दोनों घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
NEET स्टूडेंट्स से ₹1.32 लाख करोड़ वसूले?
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि, हर साल NEET परीक्षा देने वाले करीब 22 लाख छात्रों और उनके परिवारों से व्यवस्था के जरिए लगभग ₹1.32 लाख करोड़ खर्च कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह रकम लगभग देश के पूरे शिक्षा बजट ₹1.40 लाख करोड़ के बराबर है। उनके मुताबिक प्रतियोगी परीक्षाओं की मौजूदा व्यवस्था परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डाल रही है। प्रियंका गांधी ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि, केंद्र सरकार ने अपने पसंदीदा कारोबारियों के करीब ₹16 लाख करोड़ के लोन माफ किए हैं।
राहुल गांधी के कोटा दौरे के बाद आया बयान
प्रियंका गांधी की यह टिप्पणी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के राजस्थान के कोटा दौरे के तुरंत बाद आई। राहुल गांधी ने 17 जून को कोटा के दशहरा मैदान में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते तनाव, प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और छात्रों की मानसिक स्थिति पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि देश का मौजूदा शिक्षा सिस्टम बच्चों पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाल रहा है और इसकी वजह से कई छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि, ऐसी व्यवस्था के खिलाफ मिलकर काम करने की जरूरत है ताकि कोई भी छात्र आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर न हो।
राहुल गांधी ने क्या कहा
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि NEET, JEE समेत पांच बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में देशभर के परिवारों की जेब से लगभग ₹5 लाख करोड़ खर्च हो जाते हैं। उनके मुताबिक, यह राशि केंद्र सरकार के पांच मंत्रालयों के कुल बजट के बराबर है।
NTA ने बदले एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के नियम
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 री-एग्जाम देने वाले छात्रों को बड़ी राहत दी है। पहले उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने से पहले बैंक खाते का वेरिफिकेशन पूरा करना जरूरी था। इस वजह से कई छात्रों को परेशानी हो रही थी। अब NTA ने नियम बदल दिए हैं। नए निर्देशों के अनुसार छात्र पहले अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे, जबकि बैंक खाते का वेरिफिकेशन बाद में भी पूरा किया जा सकता है। एजेंसी ने कहा कि, बाद में बैंक वेरिफिकेशन करने वाले उम्मीदवार भी परीक्षा शुल्क रिफंड के लिए पूरी तरह पात्र रहेंगे।
21 जून को होगा NEET री-एग्जाम
NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
- परीक्षा का समय: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक
- प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए अतिरिक्त 15 मिनट दिए जाएंगे।
- परीक्षा एक ही शिफ्ट में आयोजित होगी।
NTA के अनुसार री-एग्जाम में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है।
री-एग्जाम में किए गए 5 बड़े बदलाव
NTA ने 12 जून को नई गाइडलाइन जारी करते हुए परीक्षा में कई बदलाव किए हैं।
1. परीक्षा की अवधि बढ़ी
अब परीक्षा 180 मिनट की बजाय 195 मिनट की होगी।
2. रफ वर्क के लिए ज्यादा जगह
आंसर शीट में अब 2 की जगह 4 रफ वर्क पेज दिए जाएंगे।
3. रफ पेज की नई व्यवस्था
दो रफ पेज निर्देशों के बाद और दो पेज उत्तर पुस्तिका के अंत में होंगे।
4. लेफ्ट हैंडेड छात्रों का भी ध्यान
बुकलेट का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि लेफ्ट हैंडेड स्टूडेंट्स को भी सुविधा मिले।
5. सभी भाषाओं में लागू होंगे नियम
नए नियम सिर्फ अंग्रेजी ही नहीं बल्कि सभी रीजनल लैंग्वेज के प्रश्नपत्रों पर भी लागू होंगे।
क्यों कराना पड़ा री-एग्जाम?
3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा के बाद कई राज्यों से पेपर लीक और कुछ उम्मीदवारों को पहले से प्रश्नपत्र मिलने के आरोप सामने आए थे। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने के बाद NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के बाद दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।
क्या है NEET परीक्षा?
NEET (National Eligibility cum Entrance Test) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इसी परीक्षा के जरिए देशभर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलता है।
NEET के माध्यम से इन कोर्सों में एडमिशन होता है-
- MBBS
- BDS
- BAMS
- BHMS
- Nursing
- अन्य मेडिकल और पैरामेडिकल कोर्स
देश के प्रतिष्ठित संस्थान AIIMS और JIPMER में भी प्रवेश NEET के माध्यम से ही होता है।











