NEET पेपर लीक :राहुल गांधी बोले-मप्र की बेटी आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं, टूटी व्यवस्था की देन है

नई दिल्ली। मप्र के मऊगंज के एक किसान की बेटी आकांक्षा चतुर्वेदी की आत्महत्या का दर्द न केवल मप्र बल्कि पूरा देश महसूस कर रहा है। परीक्षा व्यवस्था को लेकर अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बेटी आकांक्षा की असमय जाने पर दुख जताते हुए देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि फिर वही कमेटी, वही ट्रांसफर, वही जांच, न सुधार, न न्याय।
एक पिता जो कर सकता था, सब किया
राहुल गांधी ने लिखा कि-आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। आकांक्षा के पिता किसान हैं। बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर 3 लाख रुपए का कर्ज़ लिया। और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहां कोचिंग कर सके। उन्होंने लिखा एक पिता ने जो कर सकता था, सब किया। फिर NEET पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। उस अनिश्चितता में आकांक्षा हमें छोड़ कर चली गई।
शिक्षा व्यवस्था बर्बाद है
राहुल गांधी ने लिखा कि-आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं - मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन है। और धर्मेंद्र प्रधान जी? आज भी कुर्सी पर हैं। फिर वही कमेटी। वही ट्रांसफर। वही जाँच। न सुधार, न न्याय। उन्होंने लिखा मोदी जी, कुर्सी स्थायी नहीं होती - आती-जाती रहती है। लेकिन आपने 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस हद तक बर्बाद किया है, उसकी कीमत भारत की एक पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है।
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यह सिर्फ एक छात्रा के अंतिम शब्द नहीं...
इस बारे में कांग्रेस नेत्री कुमारी शैलजा ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, मध्य प्रदेश की बेटी आकांक्षा चतुर्वेदी का सुसाइड नोट पढ़कर मन बेहद व्यथित है। “मुझमें दोबारा NEET देने की हिम्मत नहीं है…” यह सिर्फ एक छात्रा के अंतिम शब्द नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की विफल परीक्षा व्यवस्था पर एक दर्दनाक सवाल है। NEET पेपर लीक हुआ, लाखों छात्रों का भविष्य अनिश्चितता में डाला गया, लेकिन आज तक कोई बड़ी जवाबदेही तय नहीं हुई। आखिर शिक्षा मंत्री पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? प्रधानमंत्री जी इस पूरे मामले पर मौन क्यों हैं? NEET, CUET, CBSE और भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाओं ने युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है। भाजपा सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर और कितने बच्चों के सपनों की कीमत चुकानी पड़ेगी?
टूटते युवाओं के विश्वास की दर्दनाक कहानी : सिंघार
इस बारे में मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लिखा है कि राहुल गांधी ने आकांक्षा चतुर्वेदी के माध्यम से देश के लाखों युवाओं की पीड़ा को आवाज़ दी है। मऊगंज की इस बेटी का जाना केवल एक परिवार का दुःख नहीं, बल्कि NEET घोटाले और शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं से टूटते युवाओं के विश्वास की दर्दनाक कहानी है। सिंघार ने लिखा कि मैंने 30 मई को आकांक्षा की मृत्यु के बाद मामले का संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार से संवाद किया था तथा मध्यप्रदेश कांग्रेस विधायक दल की ओर से 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है।
जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो
सिंघार ने कहा कि परिवार को विश्वास दिलाया है कि इस कठिन समय में हम उनके साथ हैं और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा राहुल गांधी के नेतृत्व में समस्त मप्र कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। आकांक्षा को न्याय मिले, दोषियों की जवाबदेही तय हो और युवाओं के भविष्य के साथ हुए इस अन्याय के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो, जब तक यह लड़ाई अपने मुकाम तक नहीं पहुंचती, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।












