अधिकारी की टेबल पर बोरी से निकाला कुत्ता..! फिर पहनाई नोटों की माला, निफाड में हुआ अनोखा प्रदर्शन

महाराष्ट्र। नासिक के निफाड में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर लोगों का गुस्सा इस कदर सामने आया कि विरोध का तरीका ही चर्चा का विषय बन गया। शिवसेना के नेताओं और नागरिकों ने नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर मुख्य अधिकारी धीरज भामरे के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारी अपने साथ बोरी में एक आवारा कुत्ता लेकर पहुंचे थे। कार्यालय में पहुंचने के बाद उन्होंने बोरी खोलकर कुत्ते को अधिकारी की टेबल पर छोड़ दिया। अचानक कुत्ते के बाहर आने से वहां अफरा-तफरी मच गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नोटों की माला से भी विरोध जताया।
अधिकारी की टेबल पर पहुंचा कुत्ता
प्रदर्शनकारी आवारा कुत्ते को बोरी में लेकर नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे। मुख्य अधिकारी धीरज भामरे के केबिन में पहुंचने के बाद उन्होंने बोरी से कुत्ते को बाहर निकालकर टेबल पर छोड़ दिया। कुत्ता बाहर आते ही इधर-उधर भागने लगा, जिससे कार्यालय में कुछ समय के लिए हलचल मच गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
नोटों की माला से प्रशासन पर तंज
प्रदर्शनकारियों ने सिर्फ कुत्ता छोड़कर ही विरोध नहीं जताया। उन्होंने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य अधिकारी की कुर्सी पर नोटों की माला पहनाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शहर में नागरिक आवारा कुत्तों की समस्या से परेशान हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। नोटों की माला को उन्होंने प्रशासनिक रवैये पर प्रतीकात्मक तंज बताया।
बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का मुद्दा
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, निफाड शहर और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उनका दावा है कि कुत्तों के हमलों में बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और दूसरे राहगीर परेशान हो रहे हैं। कुछ लोगों के घायल होने की बात भी प्रदर्शनकारियों ने कही है। उनका आरोप है कि समस्या की जानकारी नगर पंचायत को कई बार दी गई, लेकिन प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
शिवसेना नेताओं ने जताया विरोध
शिवसेना (UBT) युवासेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधवे और नगरसेविका रूपाली रंधवे ने स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य अधिकारी के सामने आवारा कुत्तों की समस्या उठाई और जल्द समाधान की मांग की। उनका कहना था कि शहर में त्योहारों का दौर चल रहा है और इस दौरान बाजारों तथा सार्वजनिक जगहों पर लोगों की आवाजाही भी बढ़ जाती है।
टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य अधिकारी पर आरोप लगाया कि नागरिकों की समस्या पर ध्यान देने के बजाय उनका जोर टेंडर प्रक्रिया पर अधिक है। हालांकि यह प्रदर्शनकारियों का आरोप है। उन्होंने नगर पंचायत से आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा के लिए तत्काल व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो विरोध आगे भी जारी रखा जा सकता है।
त्योहारों से पहले कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने गणेशोत्सव, नवरात्रि और अन्य त्योहारों के दौरान आवारा कुत्तों से लोगों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि त्योहारों के समय बाजार और सड़कों पर भीड़ बढ़ती है, ऐसे में कुत्तों के हमले का खतरा भी बढ़ सकता है। इसी वजह से उन्होंने नगर पंचायत से जल्द कदम उठाने और नागरिकों को राहत देने की मांग की है।
अनोखे विरोध का वीडियो चर्चा में
निफाड नगर पंचायत कार्यालय में हुए इस प्रदर्शन का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वीडियो में प्रदर्शनकारियों को कुत्ते के साथ कार्यालय में पहुंचते और विरोध जताते देखा जा सकता है। इस प्रदर्शन के जरिए लोगों ने आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।



















