Naresh Bhagoria
3 Feb 2026
Shivani Gupta
3 Feb 2026
Shivani Gupta
3 Feb 2026
Garima Vishwakarma
3 Feb 2026
Naresh Bhagoria
3 Feb 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई होने के बावजूद बारिश का सिलसिला अभी भी जारी है। ग्वालियर, रतलाम, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर समेत कई जिलों में रुक-रुककर पानी गिर रहा है। ग्वालियर में पिछले 24 घंटे में दो इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इसके चलते तिघरा डैम के गेट खोले जाएंगे, ताकि अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सके। रतलाम में भी सुबह तक झमाझम बारिश हुई, जबकि डिंडौरी में बेमौसम बारिश से धान की पकी फसलें खराब हो गईं। खेतों में मसूर और चने की फसल पानी में डूब गई है।
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक पूरे प्रदेश में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। अरब सागर में बना डिप्रेशन सिस्टम (अवदाब) और उससे जुड़ा ट्रफ मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। वहीं दूसरा साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एमपी की दिशा में एक्टिव है। 29 और 30 अक्टूबर को 18 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट: सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, सिंगरौली, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, सीधी और शहडोल।
भिंड जिले की गोहद कृषि उपज मंडी में बारिश से 1200 से ज्यादा ट्रॉलियों में भरा धान भीग गया। व्यापारियों ने बताया कि, बारिश की वजह से बाहरी राज्यों के खरीदारों ने माल उठाने से इनकार कर दिया, जिससे खरीदी रोकनी पड़ी। किसानों ने मंडी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि, मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद धान को ढकने या सुरक्षित रखने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। अब किसान प्रशासन से फसल का मूल्यांकन कर मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, 29 अक्टूबर से पूर्वी और उत्तरी जिलों में तेज बारिश की संभावना है। इसके बाद 6 नवंबर से ठंड का असर तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि, एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) उत्तर भारत की ओर एक्टिव हो रहा है, जिसके लौटने के बाद पहाड़ों में बर्फबारी और मध्य प्रदेश में ठंड की शुरुआत होगी।
मौसम विभाग के अनुसार, इस बार प्रदेश में 2010 के बाद सबसे ठंडी सर्दी देखने को मिल सकती है। नवंबर से जनवरी तक कड़ाके की सर्दी रहेगी, जबकि फरवरी तक ठंड का असर देखने को मिल सकता है। सर्दियों के मौसम में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की भी संभावना जताई गई है।
इस साल मानसून ने 3 महीने 28 दिन तक एक्टिव रहा। इस दौरान 121% बारिश दर्ज की गई। जहां औसत बारिश 37.2 इंच होती है, वहीं इस बार प्रदेश में 48 इंच पानी गिरा। गुना सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला रहा, जहां 65.7 इंच बारिश हुई। वहीं श्योपुर और अशोकनगर में भी 56 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि शाजापुर में सबसे कम 28.9 इंच (केवल 81%) बारिश हुई।
28 अक्टूबर: चंबल, ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन संभागों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश।
29 अक्टूबर: सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, सिंगरौली में भारी बारिश।
30 अक्टूबर: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, सागर, शहडोल, मंडला, बालाघाट आदि में तेज बारिश।
सबसे ज्यादा तापमान: जबलपुर- 31.8°C
सबसे कम तापमान: नौगांव (छतरपुर)- 16.6°C
भोपाल- 30.4°C
इंदौर- 29.8°C
ग्वालियर- 23.4°C