भोपाल। मध्य प्रदेश में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही मौसम ने ऐसा करवट ली है, जिसने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है। जहां एक ओर लोग गर्मी से राहत की उम्मीद कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर अचानक बदले मौसम ने जनजीवन और किसानों दोनों के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में इन दिनों तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है, जिसमें राजधानी भोपाल और ग्वालियर समेत 45 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। इस मौसमीय बदलाव का सबसे दुखद पहलू आकाशीय बिजली गिरने से हुई चार लोगों की मौत है, जिसने कई परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया है। वहीं ओलावृष्टि की आशंका ने किसानों की चिंता को और बढ़ा दिया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मध्य प्रदेश के ऊपर इस समय एक नहीं, बल्कि कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। प्रदेश के मध्य भाग से एक टर्फ लाइन गुजर रही है, जबकि दूसरी ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय है। इसके साथ ही पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) भी बना हुआ है। इन सभी सिस्टम के संयुक्त प्रभाव के कारण वातावरण में नमी और अस्थिरता तेजी से बढ़ी है, जिससे अचानक आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति आने वाले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, जिससे मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
इस बदलते मौसम का सबसे खौफनाक असर आकाशीय बिजली के रूप में सामने आया है। रीवा जिले के हरदिहा गांव में महुआ बीनने गए भाई-बहन-राजन और सविता पर अचानक बिजली गिर गई, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया क्योंकि सविता की शादी इसी महीने होने वाली थी। वहीं सिवनी जिले में भी दो अलग-अलग घटनाओं में एक 6 वर्षीय मासूम और एक युवक की जान चली गई। इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि खराब मौसम के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
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मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। खासतौर पर जबलपुर, पन्ना, छतरपुर, दमोह और कटनी जैसे इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है, क्योंकि इस समय गेहूं और अन्य रबी फसलें कटाई के लिए तैयार हैं। कई जगहों पर फसलें खेतों में ही पड़ी हुई हैं, जो बारिश और ओलों की मार से खराब हो सकती हैं। रायसेन और आसपास के क्षेत्रों से फसलों के नुकसान की खबरें सामने आने लगी हैं, जिससे किसानों में चिंता और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है।
तेज आंधी और बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगह पेड़ गिरने से सड़कें जाम हो गईं, जबकि बिजली के खंभे टूटने से लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां कच्चे मकानों और टीनशेड को नुकसान पहुंचा है। लोग डर के माहौल में रहने को मजबूर हैं और प्रशासन से राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार यह अस्थिर स्थिति 7 अप्रैल तक बनी रह सकती है। इसके बाद जैसे ही यह सिस्टम कमजोर होगा, मौसम साफ होने लगेगा। हालांकि इसके बाद प्रदेश में गर्मी तेजी से बढ़ने की संभावना है और तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यानी फिलहाल राहत के नाम पर आई बारिश आगे चलकर भीषण गर्मी का संकेत भी दे रही है।