21 दिन से स्वामित्व योजना का काम ठप; 24 हजार पटवारी सरकार से सीधे टकराव में, रीवा में 15 सस्पेंड

भोपाल/रीवा/छिंदवाड़ा। प्रदेश में स्वामित्व योजना को लेकर सरकार और पटवारियों के बीच टकराव अब आर-पार की स्थिति में पहुंचता दिख रहा है। 21 दिन से स्वामित्व योजना का काम पूरी तरह ठप है और करीब 24 हजार पटवारी सीधे तौर पर सरकार के सामने खड़े हैं। आंदोलन के बीच प्रशासन ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। छिंदवाड़ा में कार्य बहिष्कार में शामिल 32 परिवीक्षाधीन पटवारियों को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है। वहीं, रीवा में स्वामित्व योजना के काम में लापरवाही के आरोप में 15 पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है।
कलेक्टर सूर्यवंशी बोले लापरवाही बर्दाश्त नहीं
प्रशासन के अनुसार तय समयसीमा में काम में अपेक्षित प्रगति नहीं होने और पूर्व में नोटिस दिए जाने के बावजूद सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की गई। रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी का कहना है कि जनहित से जुड़ी सरकारी योजनाओं में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
कई जिलों में हो चुकी कार्रवाई
इसके पहले बुधवार तक उज्जैन, शाजापुर, रतलाम और मंदसौर में चार-चार, आगर मालवा में पांच तथा देवास और नीमच में तीन-तीन परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवा समाप्त की जा चुकी है। छिंदवाड़ा में 32 पटवारियों को नोटिस और रीवा में 15 के निलंबन से कार्रवाई का दायरा और बढ़ गया है। पटवारी संघ का कहना है कि स्वामित्व योजना में संपत्तियों के रिकॉर्ड, नाम, रकबे और वास्तविक स्थिति में विसंगतियों की स्थिति में पटवारियों को व्यावहारिक और कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। संघ ने 7 अक्टूबर से ऑनलाइन राजस्व कार्यों के बहिष्कार का आह्वान किया है। विवाद लंबा खिंचने पर नामांतरण, सीमांकन और अन्य राजस्व कार्यों पर भी असर पड़ने की आशंका है। राजस्व विभाग के अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।




















