पटवारी काम नहीं कर रहे तो कलेक्टर जिम्मेदार, मुख्य सचिव बर्णवाल ने दी चेतावनी; 7 दिन में स्वामित्व योजना की प्रोग्रेस लाएं

भोपाल। मुख्य सचिव ने स्वामित्व योजना का काम नहीं होने को कलेक्टरों का फेल्योर बताते हुए जिलों में सख्ती से काम कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पहले पटवारियों को समझाकर काम कराएं और नहीं मानने पर सख्त कार्रवाई करें। बर्णवाल ने ऐसे तहसीलदारों पर भी कार्रवाई करने को कहा, जो पटवारियों से काम नहीं करा पा रहे हैं। वहीं पटवारियों और सरकार के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है।
7 दिन में काम नहीं हुआ तो कलेक्टरों को भोपाल बुलाएंगे
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टरों से कहा कि स्वामित्व योजना का काम हर हाल में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि तीन हफ्ते हो चुके हैं और योजना का काम नहीं हुआ है, यह ठीक नहीं है। बर्णवाल ने इसे कलेक्टरों का फेल्योर बताते हुए कहा कि पटवारी का काम पटवारी ही करेगा और राजस्व के भूमि संबंधी काम दूसरे कर्मचारियों से नहीं कराए जा सकते। उन्होंने साफ कहा कि जो कलेक्टर सात दिन में पटवारियों से काम नहीं करा पाएंगे, उन्हें भोपाल बुला लिया जाएगा।
ये भी पढ़ें: छिंदवाड़ा में 32 पटवारियों को सेवा समाप्ति का नोटिस, जिला प्रशासन के निर्देश पर कार्रवाई
पटवारी और तहसीलदारों से काम कराना कलेक्टरों की जिम्मेदारी
बर्णवाल ने कलेक्टरों से कहा कि पटवारी और तहसीलदारों से काम कराना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पहले पटवारियों को समझाकर काम कराया जाए और अगर वे नहीं मानते हैं तो सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि योजना पर अमल के लिए जो एक्शन लेना हो, लें, लेकिन स्वामित्व योजना का काम होना चाहिए। उन्होंने ऐसे तहसीलदारों पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जो पटवारियों से काम नहीं करा पा रहे हैं।
सरकार के नरम रुख के बाद भी पटवारी काम नहीं कर रहे
मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार पटवारियों के साथ नरम रुख अपना रही है। उनकी मांग पर पांच मंत्रियों की कमेटी के साथ बातचीत कराई गई और उनकी इच्छा के मुताबिक सर्कुलर भी जारी किया गया। इसके बावजूद पटवारी काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पटवारी कलेक्टर के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं और ऐसी स्थिति में जिलों में अफसरों को सख्ती से काम कराना होगा।
सरकार देती है अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रोटेक्शन
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बर्णवाल ने कहा कि पटवारियों को प्रोटेक्शन देने का काम सरकार करती है। उन्होंने कहा कि सरकार का काम करने वाले हर अधिकारी-कर्मचारी को सरकार प्रोटेक्शन देती है, लेकिन सरकार के आदेश ही नहीं माने जा रहे हैं। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से जिलों में सख्ती करने को कहा। उन्होंने चेताया कि ऐसा नहीं हुआ तो कलेक्टरों पर कार्रवाई की स्थिति बनेगी।
राजस्व आयुक्त कार्यालय में बैठक रही बेनतीजा
स्वामित्व योजना में काम बंद करने और बर्खास्तगी-निलंबन के विरोध में आंदोलन कर रहे पटवारियों की गुरुवार को प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय में बैठक हुई थी। आयुक्त भू-संसाधन एवं प्रबंधन की मौजूदगी में हुई इस बातचीत में पटवारी प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल को पटवारियों से बातचीत के लिए अधिकृत किया गया। पटवारी प्रतिनिधिमंडल वल्लभ भवन पहुंचा, लेकिन डिप्टी सीएम की व्यस्तता के चलते आगे की बैठक टल गई और फिलहाल कोई निर्णय नहीं हुआ है।
एग्जीक्यूटर की भूमिका का विरोध कर रहे पटवारी
पटवारी स्वामित्व योजना में निष्पादक यानी एग्जीक्यूटर की भूमिका दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह जिम्मेदारी उनके मूल कार्य और अधिकार क्षेत्र से अलग है। इसी के विरोध में प्रदेशभर में पटवारी प्रदर्शन कर रहे हैं और राजस्व संबंधी काम प्रभावित हैं। दूसरी ओर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि पटवारी का काम पटवारी ही करेगा और कलेक्टरों को सात दिन में स्वामित्व योजना का काम शुरू कराने के लिए जरूरी कार्रवाई करनी होगी।




















