नेता आया है या तुम्हारा बाप?’ नेताओं की आवभगत देख भड़कीं जनपद अध्यक्ष रीना मीणा, अधिकारियों को ‘चूड़ी भिजवाने' वाला बयान वायरल

श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर में आयोजित मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब जनपद पंचायत अध्यक्ष रीना आशीष मीणा अधिकारियों पर नाराज हो गईं। भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने अफसरों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए उन्हें राजनीतिक दबाव में काम नहीं करने की नसीहत दी। रीना मीणा ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जनता अपनी समस्याओं का समाधान कराने के लिए कार्यक्रम में आती है, नेताओं के भाषण सुनने के लिए नहीं। इसी दौरान उन्होंने अधिकारियों के नेताओं को देखकर खड़े होने पर तीखे शब्दों में सवाल किया- ‘नेता आया है या तुम्हारा बाप आया है, जो खड़े हो जाते हो?’ उनके इस बयान के बाद श्योपुर की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जनसंवाद कार्यक्रम में क्यों भड़कीं रीना मीणा?
शनिवार को जिला मुख्यालय के पास रायपुरा गांव में मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना था। कार्यक्रम में भाजपा के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे। इसी दौरान भाजपा नेताओं की ओर से सरकार की उपलब्धियां बताई जाने लगीं। साथ ही अच्छे काम करने वालों को प्रमाणपत्र भी बांटे जा रहे थे। बताया गया कि अधिकारियों की ओर से भाजपा नेताओं को विशेष तवज्जो दिए जाने पर जनपद अध्यक्ष रीना मीणा नाराज हो गईं। उन्होंने अधिकारियों को मंच से ही खरी-खरी सुनानी शुरू कर दी।
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‘जनता समस्या लेकर आई है, भाषण सुनने नहीं’
रीना मीणा ने कहा कि जनसंवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना होना चाहिए। जनता अपनी परेशानियां लेकर कार्यक्रम में पहुंचती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अधिकारी नेताओं की आवभगत में ही लगे रहेंगे तो आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान कौन देगा? उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे किसी भी राजनीतिक दबाव में आकर काम न करें और अपनी जिम्मेदारी के अनुसार काम करें।
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‘डर लगता है तो चूड़ी पहन लो’
अधिकारियों को संबोधित करते हुए रीना मीणा का लहजा काफी तल्ख नजर आया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को नेताओं से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी ईमानदारी से काम करना चाहते हैं तो उन्हें किसी के दबाव में नहीं आना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि डर लगता है तो चूड़ी पहन लो, मैं लाकर देती हूं। रीना मीणा ने अधिकारियों से कहा कि नेता आते ही इस तरह खड़े क्यों हो जाते हैं? इसी दौरान उन्होंने तीखे अंदाज में सवाल किया- ‘नेता आया है या तुम्हारा बाप आया है, जो खड़े हो जाते हो?’उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी के मुताबिक काम करें और अधिकारी की तरह ही रहें। रीना मीणा ने अधिकारियों से यह भी कहा कि ज्यादा से ज्यादा उनका तबादला ही हो सकता है। उन्होंने राजनीतिक दबाव के सामने झुकने के बजाय जनता के हित में काम करने की बात कही।
नेताओं को देखकर खड़े होने पर भी उठाया सवाल
रीना मीणा ने अधिकारियों के नेताओं को देखकर तुरंत खड़े होने के रवैये पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अधिकारी नेताओं को देखकर इस तरह खड़े हो जाते हैं, जैसे कोई बहुत बड़ा व्यक्ति आ गया हो। इसी दौरान उन्होंने बेहद तीखे शब्दों में कहा- ‘नेता आया है या तुम्हारा बाप आया है, जो खड़े हो जाते हो?’ उनका यह बयान अब राजनीतिक चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।
भाजपा से रहा है परिवार का पुराना जुड़ाव
रीना आशीष मीणा के परिवार का भाजपा से पुराना संबंध रहा है। उनकी चाची कविता सुरेश मीणा जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। वहीं उनके दादाजी मूलचंद रावत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं। बाद में मूलचंद रावत ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का साथ अपना लिया था। इसके बाद रीना मीणा भी कांग्रेस समर्थित होकर जनपद अध्यक्ष बनीं। यही वजह है कि भाजपा नेताओं की मौजूदगी में उनके तीखे बयान को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है।
भाजपा नेता ने कहा- ‘विपक्ष के पेट में दर्द क्यों?’
रीना मीणा के बयान पर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महावीर सिंह सिसोदिया ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए उनके घर और गांव तक पहुंच रही है। सिसोदिया ने कहा कि अगर सरकार लोगों की समस्याओं को उनके द्वार पर जाकर सुन रही है और उनका समाधान कर रही है, तो विपक्ष को इससे परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार जनता के लिए काम कर रही है और जनसंवाद जैसे कार्यक्रम इसी का हिस्सा हैं।
अब बयान पर बढ़ सकती है सियासत
मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम में हुई इस घटना के बाद श्योपुर की राजनीति गरमा गई है। एक तरफ जनपद अध्यक्ष रीना मीणा ने अधिकारियों को राजनीतिक दबाव से दूर रहने की बात कही है, तो दूसरी तरफ भाजपा नेताओं ने उनके बयान पर सवाल उठाए हैं।



















