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नेपाल में बाढ़ से हाहाकार: 900 से ज्यादा मौतें, 4,247 लापता; चितवन में सैकड़ों कब्रें तैयार

नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी की बाढ़ से तबाही जारी है। नेपाल पुलिस के मुताबिक 900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4,247 लोग लापता हैं। चितवन में अज्ञात शवों को दफनाने के लिए सैकड़ों कब्रें तैयार की गई हैं। भारत ने शवों की पहचान और बचाव अभियान में मदद के लिए फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमें भेजी हैं।
नेपाल में बाढ़ से हाहाकार: 900 से ज्यादा मौतें, 4,247 लापता; चितवन में सैकड़ों कब्रें तैयार

नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भीषण बाढ़ से हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। नेपाल पुलिस के मुताबिक, सोमवार 31 अगस्त तक बाढ़ और इससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4,247 लोग अभी भी लापता हैं। पुलिस के अनुसार, अब तक 10,451 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि 267 लोग घायल बताए गए हैं। 

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हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से बड़ी संख्या में शव बरामद

नेपाल पुलिस के मुताबिक, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के आसपास से बड़ी संख्या में शव बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, 933 शव हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 552 विदेशी नागरिकों के शव भी मिले हैं। विदेशियों के साथ यात्रा कर रहे 127 नेपाली नागरिकों की भी मौत होने की जानकारी सामने आई है। चितवन में अब तक 272 शव बरामद किए जा चुके हैं। चितवन में अज्ञात शवों के लिए सैकड़ों कब्रें तैयार बाढ़ में मारे गए और अब तक जिन शवों की पहचान नहीं हो पाई है, उन्हें दफनाने के लिए चितवन के देवघाट जंगल में सैकड़ों कब्रें तैयार की गई हैं। 

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पिछले दो दिनों में यहां 196 शव दफनाए जा चुके हैं। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण कई शव खराब हो गए हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। हर शव को एक पहचान नंबर दिया जा रहा है और उसका पूरा रिकॉर्ड रखा जा रहा है। बाद में DNA जांच के जरिए शवों की पहचान करने और उन्हें उनके परिजनों को सौंपने की कोशिश की जाएगी।

ग्लेशियर से बनी झील का खतरा फिलहाल टला

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद एक झील बन गई थी। अब इस झील का पानी प्राकृतिक बहाव के जरिए बाहर निकल गया है। चीन के जल संसाधन मंत्रालय के मुताबिक, झील में जमा पानी लगभग पूरी तरह निकल चुका है। इससे डाउनस्ट्रीम इलाकों में झील के अचानक फटने और बड़े पैमाने पर बाढ़ आने का खतरा फिलहाल टल गया है।

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भारत ने भेजीं फॉरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमें

नेपाल में राहत और बचाव अभियान में भारत भी मदद कर रहा है। हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों को बाहर निकालने के लिए भारत ने टनल रेस्क्यू टीमें तैनात की हैं। इसके अलावा शवों की पहचान में मदद के लिए भारत की 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम काठमांडू पहुंच चुकी है और काम शुरू कर दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, फॉरेंसिक टीम बाढ़ में मारे गए लोगों के शवों की पहचान के लिए DNA सैंपल की जांच में मदद करेगी।

Nepal Flood

15 चीनी और 7 भारतीय नागरिकों का रेस्क्यू

नेपाल पुलिस के मुताबिक, 30 अगस्त को हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से 15 चीनी नागरिकों और 7 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। नेपाल में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है। अधिकारियों का फोकस लापता लोगों की तलाश, सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने और अज्ञात शवों की पहचान पर है।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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