3 माह की बच्ची का शव कब्र से निकाला, घर के सामने फेंका! ग्वालियर में बवाल

ग्वालियर के भितरवार में तीन महीने की बच्ची की मौत के बाद शव दफनाने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने कब्र से बच्ची का शव निकालकर परिजनों के घर के सामने फेंक दिया। आक्रोशित परिवार ने शव सड़क पर रखकर जाम लगाया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और जमीन की जांच शुरू कराई है।
3 माह की बच्ची का शव कब्र से निकाला, घर के सामने फेंका! ग्वालियर में बवाल
कब्र से निकाला 3 माह की बच्ची का शव

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के भितरवार से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। चैतगांव के मुंशी का पुरा में बीमारी से मौत के बाद दफनाई गई तीन महीने की बच्ची का शव कथित तौर पर कब्र से निकालकर उसके परिजनों के घर के सामने फेंक दिया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और परिजनों ने बच्ची का शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में बच्ची के शव को दूसरी जगह दफनाकर अंतिम संस्कार कराया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

बीमारी के चलते हुई थी बच्ची की मौत

चैतगांव के मुंशी का पुरा निवासी कृष्णा बाई और बीरबल सिंह बंजारे की तीन महीने की बच्ची की रविवार सुबह बीमारी के चलते मौत हो गई थी। बच्ची की मौत के बाद परिवार के लोग उसका अंतिम संस्कार करने के लिए भीमवाड़ा नदी के किनारे स्थित श्मशान क्षेत्र के पास पहुंचे। बच्ची के दादा चिमन सिंह बंजारा का परिवार भीमवाड़ा नदी के पास डेरा बनाकर रहता है। परिजनों ने नदी किनारे एक खेत के पास बच्ची को दफना दिया।

जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद

परिजनों के मुताबिक, बच्ची को दफनाते समय वहां खेती करने वाले गुर्जर समुदाय के कुछ लोगों ने जमीन को अपनी बताते हुए इसका विरोध किया। हालांकि, विरोध के बावजूद बंजारा परिवार बच्ची को दफनाकर वहां से लौट आया। इसके बाद आरोप है कि पप्पू गुर्जर, राजेंद्र सिंह गुर्जर और रामनिवास गुर्जर समेत कुछ लोगों ने बच्ची की कब्र खोदकर शव बाहर निकाल दिया। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद बच्ची के शव को उनके घर के सामने लाकर दरवाजे के पास फेंक दिया गया।

शव सड़क पर रखकर लगाया जाम

बच्ची का शव घर के सामने मिलने की खबर फैलते ही परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए परिजनों ने बच्ची का शव सड़क पर रख दिया और रास्ता जाम कर दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। स्थिति झड़प और मारपीट तक पहुंचने की बात भी सामने आई।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही करहिया थाना पुलिस और एसडीओपी गगन हनवत मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों और दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया। काफी समझाइश के बाद सड़क से जाम हटाया गया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में बच्ची के शव को दूसरी जगह दफनाकर अंतिम संस्कार कराया गया।

ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने रखीं मांगें

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। ग्रामीणों की मांग है कि जमीन का स्थायी सीमांकन कराया जाए और उसे आधिकारिक रूप से मुक्तिधाम घोषित किया जाए। इसके अलावा बच्ची के शव को कब्र से निकालने और कथित तौर पर घर के सामने फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। ग्रामीणों ने आरोपियों के पास मौजूद हथियारों के लाइसेंस निरस्त करने की मांग भी रखी है।

तहसीलदार करेंगे जमीन की जांच

एडिशनल एसपी देहात जयराज कुबेर ने बताया कि मामले को लेकर एसडीएम से चर्चा की गई है। तहसीलदार मौके पर पहुंचकर जमीन की स्थिति और उसके स्वामित्व से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...

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