MP PWD Transfers:मध्यप्रदेश PWD में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, चार वरिष्ठ इंजीनियरों के तबादले

मध्यप्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग (PWD) में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव करते हुए चार वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया है। खास बात यह है कि ये सभी अधिकारी सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) हैं और वर्तमान में प्रभारी चीफ इंजीनियर (CE) के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सरकार के इस फैसले को विभाग में बड़े प्रशासनिक फेरबदल के रूप में देखा जा रहा है।
इस बदलाव के बाद विभाग के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की कमान नए अधिकारियों को सौंप दी गई है। इससे विभाग के कामकाज और परियोजनाओं के संचालन में नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
MPRDC से गोपाल सिंह की पीडब्ल्यूडी में वापसी
तबादला सूची में सबसे प्रमुख नाम गोपाल सिंह का है। वे अब तक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) में प्रतिनियुक्ति पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। राज्य सरकार ने उन्हें वापस लोक निर्माण विभाग में बुला लिया है।
गोपाल सिंह को अब पीडब्ल्यूडी मुख्यालय स्थित ईएनसी (इंजीनियर-इन-चीफ) कार्यालय में प्रभारी चीफ इंजीनियर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी वापसी को विभाग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उनके पास लंबे प्रशासनिक और तकनीकी अनुभव का लाभ है।
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भोपाल परिक्षेत्र की जिम्मेदारी अब एससी वर्मा को
सरकार ने रीवा परिक्षेत्र में भवन शाखा के प्रभारी चीफ इंजीनियर एससी वर्मा को नई जिम्मेदारी देते हुए भोपाल परिक्षेत्र भेजा है।
भोपाल प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र माना जाता है। ऐसे में यहां की जिम्मेदारी किसी अनुभवी अधिकारी को ही सौंपी जाती है। एससी वर्मा को अब भोपाल परिक्षेत्र का प्रभारी चीफ इंजीनियर बनाया गया है। उनके अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए विभाग को उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
संजय मस्के को मिला राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र
अब तक भोपाल परिक्षेत्र के प्रभारी चीफ इंजीनियर रहे संजय मस्के का भी तबादला कर दिया गया है। उन्हें नई जिम्मेदारी देते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र, भोपाल का प्रभारी चीफ इंजीनियर नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में इस क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालना काफी अहम माना जाता है। संजय मस्के अब राज्य के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यों की निगरानी और संचालन करेंगे।
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आनंद प्रकाश राणे को मिली जबलपुर परिक्षेत्र की कमान
राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र भोपाल की जिम्मेदारी संभाल रहे आनंद प्रकाश राणे को अब जबलपुर परिक्षेत्र का प्रभारी चीफ इंजीनियर बनाया गया है।
जबलपुर परिक्षेत्र भी विभाग का एक बड़ा और महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है, जहां कई निर्माण और विकास कार्य लगातार चल रहे हैं। राणे अब इस क्षेत्र की परियोजनाओं और विकास कार्यों की निगरानी करेंगे।
पांच दिन पहले भी हुआ था बड़ा बदलाव
लोक निर्माण विभाग में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब कुछ दिन पहले ही विभाग के सबसे बड़े तकनीकी पद इंजीनियर-इन-चीफ (ENC) पर भी परिवर्तन किया गया था।
करीब पांच दिन पहले राज्य सरकार ने तत्कालीन इंजीनियर-इन-चीफ केपीएस राणा को उनके पद से हटाकर नई जिम्मेदारी दी थी। उनकी जगह आरएल वर्मा को पीडब्ल्यूडी का नया इंजीनियर-इन-चीफ नियुक्त किया गया।
सरकार के इस फैसले को विभाग में व्यापक प्रशासनिक पुनर्गठन का हिस्सा माना जा रहा है।
केपीएस राणा को मिली नई जिम्मेदारी
इंजीनियर-इन-चीफ पद से हटाए जाने के बाद केपीएस राणा को मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) में इंजीनियर-इन-चीफ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
MPRDC राज्य में सड़क निर्माण और सड़क विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का संचालन करता है। ऐसे में राणा का अनुभव यहां उपयोगी साबित हो सकता है।
किस अधिकारी को मिली कौन-सी जिम्मेदारी?
राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों की नई पदस्थापना इस प्रकार है:
गोपाल सिंह
- पहले पद: प्रभारी चीफ इंजीनियर, MPRDC भोपाल
- नया पद: प्रभारी चीफ इंजीनियर, ईएनसी कार्यालय, पीडब्ल्यूडी मुख्यालय
- प्रतिनियुक्ति से विभाग में वापसी
एससी वर्मा
- पहले पद: प्रभारी चीफ इंजीनियर (भवन), रीवा परिक्षेत्र
- नया पद: प्रभारी चीफ इंजीनियर, भोपाल परिक्षेत्र
संजय मस्के
- पहले पद: प्रभारी चीफ इंजीनियर, भोपाल परिक्षेत्र
- नया पद: प्रभारी चीफ इंजीनियर, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र, भोपाल
आनंद प्रकाश राणे
- पहले पद: प्रभारी चीफ इंजीनियर, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र, भोपाल
- नया पद: प्रभारी चीफ इंजीनियर, जबलपुर परिक्षेत्र
विभाग में बदलावों के पीछे क्या है उद्देश्य?
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार द्वारा किए गए ये तबादले विभागीय कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग राज्य में सड़क, भवन और अन्य निर्माण परियोजनाओं का प्रमुख विभाग है। ऐसे में अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देकर परियोजनाओं की गुणवत्ता और गति बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
इन बदलावों के बाद अब विभाग की विभिन्न परियोजनाओं में नई कार्यशैली और बेहतर समन्वय देखने को मिल सकता है। आने वाले समय में इन अधिकारियों के नेतृत्व में विभाग के कामकाज पर सभी की नजर रहेगी।











