PU Special :कृषि विभाग के सर्वे में 60% फसलें तबाह-राजस्व विभाग की सुस्ती से अटका किसानों का मुआवजा

विजय एस गौर, भोपाल। कभी बारिश तो कभी कड़क धूप के कारण धान और उड़द की फसल बर्बाद हो चुकी है। हालत इतने खराब हो गए हैं कि पकी फसल कटने में देरी और उमस के कारण उड़द की फलियां लगे-लगे ही फिर से ऊगने (जर्मीनेशन) लगी है।
तहसील के चक्कर काट रहे किसान
खराब हो चुकी फसल का नमूना लेकर किसान तहसीलों और एसडीएम कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। इसी क्रम में बेगमगंज के बोरिया, बीलखेड़ा और खमरिया के किसान बेगमगंज तहसील पहुंचे और सर्वे पूरा करवाने की मांग की। ताकि उनको मुआवजा मिल सके। इसी तरह सुल्तानगंज, गैरतगंज, सिलवानी, बरेली, सीहोर और विदिशा जिले के हाल हैं, जहां किसान खराब हो चुकी फसल के सर्वे की मांग कर रहे हैं।
शुरुआती सर्वे में 60 फीसदी फसल खराब
उप संचालक सुमन प्रसाद ने कहा कि कृषि विभाग के शुरुआती सर्वे में 60 प्रतिशत से अधिक फसल खराब पाई गई थी। इसके बाद अगली फसल के लिए खेतों को जल्द खाली करने की सलाह दी गई है।
धान और उड़द की फसल पीली पड़ी
रायसेन जिले के पिपरिया गांव निवासी जाहर सिंह लोधी ने कहा कि बारिश और कड़ी धूप से धान और उड़़द की फसल पीली पड़ गई। उड़द में तो फली लगे-लगे ही फिर से उगने लगी। अभी सर्वे ही पूरा नहीं होने से मुआवजा नहीं मिल सका है।
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कलेक्टरों को जल्द सर्वे करवाने के निर्देश
भोपाल संभाग आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने कहा कि फसल नुकसानी का सर्वे तो हो रहा है। फिर भी संभाग के सभी कलेक्टरों को जल्द सर्वे करवाने के बारे में निर्देशित कर रहें, ताकि मुआवजा निधार्रण हो सके।
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