सीलिंग के बीच रिहायशी इलाके में बसा दिया बाजार, री-डेवलपमेंट के नाम पर खेल मैदान में शिफ्ट कीं 65 दुकानें

भोपाल। राजधानी में एक ओर रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई चल रही है, वहीं दूसरी ओर हाउसिंग बोर्ड ने शिवाजी नगर के पांच नंबर स्टॉप स्थित रविशंकर शुक्ल मार्केट की 65 दुकानों को पास के रिहायशी इलाके के खेल मैदान में अस्थायी रूप से शिफ्ट कर दिया है। बोर्ड मार्केट का री-डेवलपमेंट कर रहा है। इसी के चलते मौजूदा दुकानों को हटाकर मैदान में टिन शेड तैयार किए गए हैं, जहां अब दुकानें संचालित हो रही हैं।
पब्लिक की सुविधा प्रभावित हुई
रहवासियों का कहना है कि बाजार शुरू होने के बाद क्षेत्र में भीड़, वाहनों की आवाजाही, पार्किंग और शोर की समस्या बढ़ गई है। उनका कहना है कि जिस मैदान का इस्तेमाल बच्चों के खेलने और सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के लिए होता था, वहां अब दुकानें और पार्किंग होने से सार्वजनिक सुविधा प्रभावित हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई के बीच इसी तरह के इलाके में अस्थायी बाजार की अनुमति कैसे दी गई।
सीलिंग के निर्देशों के बीच कारोबारियों को नोटिस
रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा शहर में पहले से चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद नगर निगम ने भोपाल में बड़ी संख्या में कारोबारियों को नोटिस जारी किए हैं। कार्रवाई का उद्देश्य आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर नियंत्रण करना है। ऐसे में शिवाजी नगर के खेल मैदान में 65 दुकानों के अस्थायी संचालन को लेकर रहवासी सवाल उठा रहे हैं।
बच्चों के खेलने की जगह अब दुकानें और पार्किंग
शिवाजी नगर के पांच नंबर स्टॉप स्थित मैदान में टिन शेड बनाकर आरएसएस मार्केट की दुकानें शुरू कर दी गई हैं। रहवासियों के मुताबिक, यह मैदान बच्चों के खेलने के साथ सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के लिए भी इस्तेमाल होता था। अब दुकानें लगने के कारण मैदान का मूल उपयोग प्रभावित हुआ है। लोगों को आशंका है कि अस्थायी व्यवस्था लंबे समय तक जारी रही तो सार्वजनिक जगह पर दबाव और बढ़ सकता है।
री-डेवलपमेंट में वैकल्पिक व्यवस्था पर सवाल
हाउसिंग बोर्ड के री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत आरएसएस मार्केट को नए सिरे से विकसित किया जाना है। इसी प्रक्रिया में मौजूदा दुकानों को अस्थायी रूप से पास के मैदान में स्थानांतरित किया गया है। रहवासियों का कहना है कि दुकानदारों के लिए ऐसी वैकल्पिक जगह चुनी जानी चाहिए, जिससे आसपास के घरों, यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं पर असर न पड़े। उन्होंने अस्थायी बाजार की व्यवस्था की समीक्षा कर वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग की है।
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लोगों की परेशानी
रात में शोर और शराबियों का हंगामा
शिवाजी नगर निवासी पीएस चंदेल ने कहा कि दुकानों के कारण रास्ते में जाम के साथ रात में शोरगुल की समस्या भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि रात में कुछ लोग शराब पीकर हंगामा करते हैं और घरों के सामने शराब की बोतलें फेंक देते हैं। रात 12 से 2 बजे तक शोर बना रहता है। बच्चों और महिलाओं को भी आने-जाने में परेशानी होती है।
चौराहे से सड़क तक बढ़ी भीड़
शिवाजी नगर निवासी नरेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि रात में दुकानें खुली रहने से शोर और लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। दुकानों और वाहनों के कारण चौराहे से लेकर सड़क तक जगह घिर रही है। दुकानों को किसी अन्य उपलब्ध स्थान पर अस्थायी रूप से शिफ्ट किया जाए, ताकि रिहायशी क्षेत्र के लोगों की परेशानी कम हो।
पैदल चलने वालों को भी परेशानी
एक अन्य रहवासी संजीव अग्रवाल ने कहा कि दुकानों के आसपास वाहनों की पार्किंग और भीड़ के कारण रास्ता संकरा हो गया है। कई बार घर से निकलने और वापस लौटने में परेशानी होती है। सड़क पर वाहनों की आवाजाही बढ़ने से पैदल चलने वालों, बुजुर्गों और महिलाओं को भी परेशानी हो रही है।
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