PU Special :‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ पर झूमे दर्शक, सुनील लोधी के भजनों से भक्तिमय हुआ रवींद्र भवन

गांधी-शास्त्री जयंती पर भोपाल के रवींद्र भवन में ‘एकै राम रहीम’ भजन संध्या सजी। बुंदेली लोकगायक सुनील लोधी ने भजनों से दर्शकों को भक्तिरस में डुबो दिया।
‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ पर झूमे दर्शक, सुनील लोधी के भजनों से भक्तिमय हुआ रवींद्र भवन

रवींद्र भवन का सभागार शुक्रवार शाम भजनों की गूंज से भक्तिमय हो उठा। मौका था राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती पर संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन के स्वराज संस्थान संचालनालय की ओर से आयोजित ‘एकै राम रहीम’ भजन संध्या का। बुंदेली लोकगायक सुनील लोधी ने ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डाल दई’ से शुरुआत की तो माहौल पूरी तरह भक्ति में रंग गया।

इसके बाद ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ और ‘रघुपति राघव राजा राम’ के साथ ‘संकट के कटैया’, ‘दर्शन दे दो रघुनंदन’, ‘हे दुखभंजन मारुति नंदन’ और ‘रे मन वृंदावन में रहिए’ जैसे भजनों ने दर्शकों को बांधे रखा। हनुमान चालीसा के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। विधायक भगवानदास सबनानी ने महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री को पुष्पांजलि अर्पित की। मंच पर गोलू कुशवाहा, गोविंद तिवारी समेत अन्य कलाकारों ने संगत की। दृष्टिहीन सुनील अपनी कर्णप्रिय आवाज और बुंदेली लोकगायन शैली से सोशल मीडिया पर पहचान बना चुके हैं।

इन भजनों की हुई प्रस्तुतियां

कार्यक्रम की शुरुआत सुनील लोधी ने महात्मा गांधी का स्मरण करते हुए ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ और ‘रघुपति राघव राजा राम’ से की। इसके बाद ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान...’ की प्रस्तुति ने सभागार को भक्तिरस में डुबो दिया। उन्होंने ‘संकट के कटैया’, ‘मेरे भोले कर दो नजर’, ‘दर्शन दे दो रघुनंदन’, ‘सीताराम गाइए’, ‘पार्वती’, ‘हे दुखभंजन मारुति नंदन’ और ‘रे मन वृंदावन में रहिए’ जैसे लोकप्रिय भजन सुनाए।

मुंबई गए थे दूसरे गाने की रिकॉर्डिंग के लिए

बुंदेली भजन गायक सुनील लोधी ने बताया कि वह किसी अन्य गाने की रिकॉर्डिंग के सिलसिले में मुंबई गए थे। इसी दौरान उन्होंने वर्सोवा बीच की एक पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर की। पोस्ट देखने के बाद ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने उनसे संपर्क किया। सुनील के मुताबिक, तब तक फिल्म के सभी गानों की रिकॉर्डिंग पूरी हो चुकी थी, लेकिन विशाल एक और गाने की तलाश में थे। मुलाकात के दौरान सुनील ने उन्हें चार गाने सुझाए। इनमें ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ भी शामिल था। विशाल को यह गाना पसंद आया और उन्होंने इसकी आवाज के लिए सुनील को चुना। खास बात यह रही कि सबसे आखिर में रिकॉर्ड हुआ यह गाना फिल्म में सबसे पहले रिलीज किया गया। सुनील ने बताया कि गाने की फाइनल रिकॉर्डिंग करीब आठ घंटे में पूरी हुई।

Breaking News

13 साल की उम्र में शुरू हुआ था गायन का सफर

सुनील लोधी ने बताया कि वह 13 साल की उम्र से गायन कर रहे हैं। संगीत के लिए वे बुंदेलखंडी तंबूरा का इस्तेमाल करते हैं, जिसे बजाना उन्होंने खुद सीखा। उन्होंने बताया कि तंबूरा बनाना भी काफी सरल है। इसे तूमा, बांस की लकड़ी और तार के संयोजन से तैयार किया जाता है, जबकि नीचे बेस के लिए ढोलक का चमड़ा लगाया जाता है। उन्होंने बताया कि इसका निर्माण बुंदेलखंड में काफी लोकप्रिय है और इसे आसानी से बनाया जा सकता है। बचपन में लता मंगेशकर के गीतों की नकल करते हुए गायिकी शुरू की। उन्हें पहली लोकप्रियता ‘दुल्हा बनके आ गओ जीजा’ से मिली, जिसे यूट्यूब पर अपलोड किया गया था। इसके बाद उन्हें लगातार गायन के मौके मिलने लगे।

आंखों की रोशनी लौटी तो सबसे पहले मां-बाप को देखूंगा

सुनील लोधी ने बताया कि वह जल्द ही टी-सीरीज लेबल के लिए गाने गाते नजर आएंगे। सिंगर जुबिन नौटियाल की ओर से भी उन्हें गाने की पेशकश मिली है। सुनील की रुचि भक्ति और प्रेम गीतों में है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और ‘हनुमान अंश’ की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने उनके आंखों के इलाज की बात कही है। सुनील कहते हैं कि अगर आंखों की रोशनी लौटती है तो सबसे पहले मां-बाप को देखना चाहेंगे। इसके बाद हनुमान जी की छवि देखना चाहते हैं, जिनके गीत से उन्हें पहचान मिली। उन्होंने कहा कि लोगों का इतना प्यार मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

Latest Posts