PU Special :आंखों की रोशनी लौटी तो सबसे पहले माता-पिता को देखूंगा...सुनील लोधी ने People’s Update से बताई दिल की बात

सुनील लोधी ने People’s Update से खास बातचीत में ‘हनुमान अंश’ में गाने का मौका, जुबिन नौटियाल और टी-सीरीज से मिले ऑफर और आंखों के इलाज को लेकर उम्मीद साझा की।
आंखों की रोशनी लौटी तो सबसे पहले माता-पिता को देखूंगा...सुनील लोधी ने People’s Update से बताई दिल की बात

भोपाल। ‘आंखों की रोशनी लौटी तो सबसे पहले माता-पिता को देखूंगा...’ यह कहना है फिल्म 'हनुमान अंश' में भजन गाने वाले सुनील लोधी का। अपनी आवाज से सभी को सम्मोहित कर लेने की ताकत रखने वाले सुनील भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित ‘एकै राम रहीम’ कार्यक्रम में प्रस्तुति देने पहुंचे थे। 13 साल की उम्र से गायकी शुरू करने वाले सुनील ने People’s Update से खास बातचीत में बताया कि उन्हें मुंबई में भजन गाने का मौका कैसे मिला और सिंगर जुबिन नौटियाल की ओर से उन्हें काम का ऑफर कैसे मिला। 

इलाज की उम्मीद से जुड़ी सुनील की नई आस

सुनील की जिंदगी में अब आंखों के इलाज को लेकर भी उम्मीद जुड़ी है। उन्होंने People’s Update से बातचीत में बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और 'हनुमान अंश' की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने उनके आंखों के इलाज की बात कही है। सुनील कहते हैं कि अगर उनकी आंखों की रोशनी लौटती है तो वे सबसे पहले अपने मां-बाप को देखना चाहेंगे। इसके बाद वे हनुमान जी की छवि देखना चाहते हैं, जिनके गीत से उन्हें पहचान मिली। उन्होंने कहा कि लोगों का इतना प्यार मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है।

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टी-सीरीज और जुबिन नौटियाल से भी मिली पेशकश

सुनील ने People’s Update को बताया कि वे जल्द ही टी-सीरीज लेबल के लिए गाने गाते नजर आएंगे। इसके साथ ही सिंगर जुबिन नौटियाल की ओर से भी उन्हें गाने की पेशकश मिली है। सुनील की रुचि भक्ति और प्रेम गीतों में है। वे बताते हैं कि गायन का सफर आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में उन्हें टी-सीरीज के लिए गाने का मौका मिलेगा।

13 साल की उम्र में शुरू हुआ गायन का सफर

मध्य प्रदेश के सागर जिले के अगरा गांव में जन्मे सुनील लोधी ने 13 साल की उम्र से गायन शुरू किया था। बचपन में वे लता मंगेशकर के गीतों की नकल करते हुए गाना सीखते थे। संगीत के लिए वे बुंदेलखंडी तंबूरा बजाते हैं, जिसे बजाना उन्होंने खुद सीखा है।

उन्होंने बताया कि तंबूरा तूमा, बांस की लकड़ी और तार के संयोजन से तैयार किया जाता है। इसके नीचे बेस के लिए ढोलक का चमड़ा लगाया जाता है। बुंदेलखंड में इसे बनाना काफी लोकप्रिय है और इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है। गायन के सफर में उन्हें पहली लोकप्रियता ‘दुल्हा बनके आ गओ जीजा’ से मिली। इस गाने को यूट्यूब पर अपलोड किया गया था। इसके बाद उन्हें लगातार गायन के मौके मिलने लगे।

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मुंबई की एक पोस्ट ने दिलाया फिल्म में गाने का मौका

सुनील ने बताया कि वे किसी दूसरे गाने की रिकॉर्डिंग के सिलसिले में मुंबई गए थे। इसी दौरान उन्होंने वर्सोवा बीच की एक पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर की। पोस्ट देखने के बाद ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने उनसे संपर्क किया।

सुनील के मुताबिक, उस समय फिल्म के सभी गानों की रिकॉर्डिंग पूरी हो चुकी थी, लेकिन विशाल एक और गाने की तलाश में थे। मुलाकात के दौरान सुनील ने उन्हें चार गाने सुझाए। इनमें ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ भी शामिल था। विशाल को यह गाना पसंद आया और उन्होंने इसकी आवाज के लिए सुनील को चुना।

सुनील ने बताया कि खास बात यह रही कि सबसे आखिर में रिकॉर्ड हुआ यह गाना फिल्म में सबसे पहले रिलीज किया गया। गाने की फाइनल रिकॉर्डिंग करीब आठ घंटे में पूरी हुई।

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रवींद्र भवन में फिर गूंजा ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’

गांधी-शास्त्री जयंती पर संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन के स्वराज संस्थान संचालनालय की ओर से रवींद्र भवन में ‘एकै राम रहीम’ भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसी कार्यक्रम में सुनील लोधी ने अपने भजनों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने महात्मा गांधी का स्मरण करते हुए ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ और ‘रघुपति राघव राजा राम’ से की। इसके बाद ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डाल दई’ की प्रस्तुति दी, जिस पर दर्शक झूम उठे।

सुनील ने 'संकट के कटैया', 'मेरे भोले कर दो नजर', 'दर्शन दे दो रघुनंदन', 'सीताराम गाइए', 'पार्वती', 'हे दुखभंजन मारुति नंदन' और 'रे मन वृंदावन में रहिए' जैसे भजन भी सुनाए। हनुमान चालीसा के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। मंच पर गोलू कुशवाहा, गोविंद तिवारी समेत अन्य कलाकारों ने संगत की। विधायक भगवानदास सबनानी ने महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री को पुष्पांजलि अर्पित की।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...

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