MP NEWS: ग्वालियर में पशुपालकों का विशाल सम्मेलन, सीएम यादव ने किया शुभारंभ, हजारों दुग्ध उत्पादक हुए शामिल

मध्यप्रदेश। ग्वालियर में आज पशुपालन और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों का बड़ा जमावड़ा देखने को मिलेगा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से हजारों पशुपालक, दुग्ध उत्पादक और सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होकर नई योजनाओं, तकनीकों और अवसरों की जानकारी हासिल करेंगे, जिससे उनकी आय बढ़ाने और डेयरी व्यवसाय को मजबूत करने का रास्ता खुलेगा।
डेयरी सेक्टर को नई दिशा देने की तैयारी
मध्यप्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाई देने के लिए एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। डॉ. मोहन यादव ग्वालियर में राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। इस सम्मेलन में प्रदेशभर से 20 हजार से अधिक पशुपालक, दुग्ध उत्पादक और सहकारी संस्थाओं से जुड़े लोग शामिल होंगे।
किसानों और पशुपालकों को मिलेगा सीधा लाभ
इस बड़े सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों की आय बढ़ाना और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न योजनाओं के तहत चयनित हितग्राहियों को स्वीकृति प्रमाण-पत्र वितरित करेंगे। इससे उन लोगों को सीधा फायदा मिलेगा जो पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहते हैं। सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण परिवार इस क्षेत्र से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनें।
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2026: कृषक कल्याण वर्ष
राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में घोषित किया है। इसी के तहत पशुपालन और डेयरी सेक्टर पर खास ध्यान दिया जा रहा है। सरकार लगातार नई योजनाएं और तकनीकें ला रही है ताकि किसानों और पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी हो सके।
आधुनिक डेयरी मॉडल पर जोर
सम्मेलन में आधुनिक पशुपालन और डेयरी प्रबंधन से जुड़ी नई तकनीकों पर चर्चा होगी। विशेषज्ञों द्वारा बताया जाएगा कि कैसे कम लागत में ज्यादा उत्पादन किया जा सकता है। साथ ही सहकारिता मॉडल के जरिए पशुपालकों को मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार चाहती है कि छोटे पशुपालक भी बड़े स्तर पर काम कर सकें और उन्हें बाजार तक बेहतर पहुंच मिले।
प्रदर्शनी में दिखेगी नई तकनीक और योजनाएं
कार्यक्रम स्थल पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग के साथ साथ अन्य विभागों द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसमें आधुनिक मशीनों, डेयरी प्रबंधन के नए तरीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। यह प्रदर्शनी पशुपालकों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी क्योंकि यहां उन्हें एक ही जगह पर कई जरूरी जानकारियां मिलेंगी।
इलाज और सुविधाएं होंगी आसान
ग्वालियर में आयोजित राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पशुपालकों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि अब ग्वालियर और डबरा के पशुओं को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। ग्वालियर में वेलनेस सेंटर और डबरा में नया पशु चिकित्सालय खोला जाएगा। इस वेलनेस सेंटर में पशु आहार निर्माण की सुविधा भी होगी, जिससे पशुपालकों को एक ही जगह कई सेवाएं मिल सकेंगी।
सम्मेलन में विकास और संस्कृति का मिला संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में गौ-सेवा और भारतीय संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि सनातन परंपरा में गाय का विशेष महत्व है। उन्होंने ग्वालियर की ऐतिहासिक पहचान और यहां के लोगों की भूमिका की भी सराहना की। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास की बात करते हुए कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में दुग्ध उत्पादन से जुड़ी एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई, जिससे किसानों को नई जानकारी मिली।
बंगाल चुनाव और ममता बनर्जी पर राजनीतिक बयान
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल के चुनावी रुझानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को मिली बढ़त गौ-पालकों और गौ-माता के आशीर्वाद का परिणाम है। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने अब बदलाव का फैसला कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में किसी भी तरह की बाहरी दखल या गलत गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसानों और पशुपालकों के लिए नई योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसान और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। अगर कोई पशुपालक 25 गायों का पालन करना चाहता है, तो सरकार उसे आर्थिक सहायता भी देगी। साथ ही दूध की खरीद और उचित दाम सुनिश्चित करने की बात भी कही गई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों की मेहनत का पूरा सम्मान किया जाएगा।
गौ-एंबुलेंस और डेयरी सेक्टर में बड़ा लक्ष्य
सरकार ने पशुओं के इलाज के लिए गौ-एंबुलेंस सुविधा भी शुरू की है, जिससे बीमार पशुओं का तुरंत इलाज हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को आने वाले समय में मिल्क कैपिटल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में दूध उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है और ग्वालियर-मुरैना क्षेत्र इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
दूध उत्पादन में बढ़ोतरी और किसानों की आय में इजाफा
कार्यक्रम में पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने बताया कि प्रदेश में दूध का कलेक्शन पहले 9 लाख लीटर था, जो अब बढ़कर 12.5 लाख लीटर हो गया है। आने वाले समय में इसे 50 लाख लीटर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे किसानों की आय में बड़ा इजाफा होगा और उन्हें आर्थिक मजबूती मिलेगी।
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