Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

भोपाल:कूच से पहले किसान नेताओं पर कार्रवाई, कई जिलों में नजरबंद

राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के भोपाल में प्रस्तावित आंदोलन को शुरू होने से पहले ही रोकने के लिए पुलिस ने कई जिलों में प्रमुख किसान नेताओं को घर से निकलने से पहले ही नजरबंद कर दिया गया।
कूच से पहले किसान नेताओं पर कार्रवाई, कई जिलों में नजरबंद

मध्य प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर भोपाल कूच की तैयारी कर रहे किसान नेताओं पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ‘राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ’ के प्रस्तावित आंदोलन को शुरू होने से पहले ही रोकने के लिए पुलिस ने कई जिलों में कार्रवाई की। खबर है कि देवास, रतलाम समेत कई जगहों पर प्रमुख किसान नेताओं को घर से निकलने से पहले ही नजरबंद कर दिया गया।

फंदा टोल से राजधानी पहुंचने की थी योजना

किसान संगठन के पदाधिकारी फंदा टोल नाके पर एकत्रित होकर भोपाल में मुख्यमंत्री निवास तक मार्च करने की रणनीति बना रहे थे। संगठन का दावा है कि करीब 30 जिलों से किसान नेता और किसान इसमें शामिल होने वाले थे, लेकिन सुबह से ही पुलिस ने उन्हें घरों में ही रोक दिया। महासंघ की युवा इकाई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष त्रिलोक सिंह गोठी ने बताया कि भोपाल, देवास, सीहोर, सिवनी, हरदा, बालाघाट, रतलाम, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, आगर मालवा और शाजापुर सहित कई जिलों में पुलिस अधिकारियों ने नेताओं को बाहर नहीं निकलने दिया।

सीएम के नाम सौंपना था 15 सूत्रीय ज्ञापन

किसान मजदूर महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम 15 मांगों का ज्ञापन तैयार किया था। इसमें किसानों से जुड़ी कई अहम समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। इनमें प्रमुख मांग-

गेहूं खरीदी में सुधार

सरकारी खरीदी प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों को तुरंत दूर किया जाए।

भावांतर राशि का भुगतान

देरी से बेचने वाले किसानों को भी भावांतर योजना का लाभ मिले।

पराली जलाने के केस वापस

नलवाई जलाने के मामलों में दर्ज मुकदमे खत्म किए जाएं।

डिफाल्टर किसानों को राहत

कर्ज चुकाने की तारीख खरीदी के बाद तय हो और दोबारा लोन मिले।

नुकसान का पूरा मुआवजा

आग या प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान पर 100% मुआवजा दिया जाए।

आदिवासियों पर अत्याचार बंद हों

केन-बेतवा प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों की मांगें पूरी हों।

लागत के आधार पर फसल के दाम

‘सी-250’ फॉर्मूले के आधार पर न्यूनतम दाम तय किए जाएं।

पूर्ण कर्ज माफी

प्रदेश के किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए।

दूध के दाम बढ़ें

दूध का रेट 12 रुपए प्रति किलो फैट और बोनस जल्द मिले।

जमीन रिकॉर्ड में सुधार

बंदोबस्त की गलतियों को ठीक किया जाए।

जमीन अधिग्रहण का उचित मुआवजा

जरूरत पड़ने पर बाजार रेट से 10 गुना ज्यादा मुआवजा मिले।

बिजली विभाग पर नियंत्रण

बिजली विभाग की मनमानी पर रोक लगे।

मूंग की MSP पर खरीदी

गर्मी की मूंग फसल पूरी तरह MSP पर खरीदी जाए।

खाद की मात्रा बढ़े

फसल के हिसाब से खाद वितरण किया जाए।

हर जिले में लैब की स्थापना

खाद, कीटनाशक और मिट्टी जांच के लिए सरकारी लैब बने।

ये भी पढ़ें: अंबेडकरनगर में मददगारों को मिली मौत! घायलों की मदद कर रहे लोगों को कार ने कुचला, एक ही पल में 8 जिंदगियां खत्म

आंदोलन से पहले ही सख्ती, बढ़ सकता है तनाव

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद किसान संगठनों में नाराजगी बढ़ने की संभावना है। फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है लेकिन आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर टकराव बढ़ सकता है।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

Latest Posts