बारिश में जान जोखिम में डालने वालों पर सख्ती, दिगंबर वॉटरफॉल से भोपाल के 15 से ज्यादा पर्यटक लौटाए गए
सीहोर। वर्षाकाल में हादसों की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। कलेक्टर बालागुरु के. के. के निर्देश पर जिले के बुधनी ब्लॉक के सुप्रसिद्ध अमरगढ़ वॉटरफॉल, दिगंबर वॉटरफॉल और इछावर ब्लॉक के कालियादेव वॉटरफॉल पर आम नागरिकों और पर्यटकों के आने-जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध 31 अगस्त तक पूरे दो महीने प्रभावी रहेगा। प्रशासन द्वारा सभी वॉटरफॉल, डैम, जल पर्यटन स्थलों और अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों पर प्रतिबंधात्मक आदेशों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। शनिवार को दिगंबर वॉटरफॉल पहुंचे भोपाल के 15 से अधिक पर्यटकों को प्रशासनिक टीम ने समझाइश देकर वापस लौटा दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बीएनएस की धारा 163 के तहत लागू है प्रतिबंध
जिला प्रशासन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 163 के तहत वर्षाकाल के दौरान जिले के सभी जोखिमपूर्ण पर्यटन स्थलों पर प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। लगातार बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने, तेज बहाव और फिसलन जैसी परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
दिगंबर वॉटरफॉल पर लौटाए गए पर्यटक
नायब तहसीलदार रामलोचन तिवारी ने बताया कि शनिवार को भोपाल से आए 15 से अधिक पर्यटक दिगंबर वॉटरफॉल पहुंचे थे। मौके पर तैनात प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें प्रतिबंधात्मक आदेश की जानकारी दी तथा संभावित दुर्घटनाओं के खतरे से अवगत कराया। समझाइश के बाद सभी पर्यटक बिना किसी विवाद के वापस लौट गए।
कई विभागों की संयुक्त निगरानी
प्रशासन ने जिले के प्रमुख वॉटरफॉल, डैम और अन्य संवेदनशील स्थलों पर राजस्व, वन, पुलिस एवं संबंधित विभागों के मैदानी अमले की तैनाती की है। इन टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी पर्यटक को प्रवेश न करने दें और लगातार निगरानी बनाए रखें। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को मौके पर ही सुरक्षा संबंधी जानकारी भी दी जा रही है।
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प्रशासन की नागरिकों से अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे रोमांच के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें। वर्षाकाल में अचानक जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। सीहोर के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर हर वर्ष बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ भोपाल सहित आसपास के जिलों से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में सभी से प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन करने, प्रशासन का सहयोग करने और सुरक्षित व्यवहार अपनाने की अपील की गई है ताकि मानसून के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
Edited By: Sumit Shrivastava













