MP News:बेटे के फरार होने पर बोले विधायक प्रीतम लोधी, कहा-बेटे को कोर्ट में सरेंडर कर देना चाहिए

शिवपुरी। प्रीतम लोधी ने कहा कि न्यायालय का सम्मान करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है और दिनेश लोधी को भी कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनका खुद का लंबा न्यायिक संघर्ष रहा है और उन्होंने हमेशा अदालत के आदेशों का पालन किया। बयान के दौरान उन्होंने डकैतों को सरेंडर की सलाह देने और कई आरोपियों को पुलिस के सामने पेश कराने का भी जिक्र किया।
कोर्ट के फैसले को बताया सही
ग्वालियर की विशेष एससी-एसटी अदालत द्वारा बेटे दिनेश लोधी को फरार घोषित किए जाने और उसके खिलाफ स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने कहा कि न्यायालय का फैसला पूरी तरह सही है। उन्होंने कहा कि दिनेश लोधी का एक पुराना मामला न्यायालय में विचाराधीन है। वह कई तारीखों पर पेश नहीं हुआ, इसलिए अदालत ने वारंट जारी किया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय सर्वोपरि है और दिनेश को तुरंत सरेंडर करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने उसकी मां से भी उसे न्यायालय में पेश कराने के लिए कहा है।
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न्यायालय के आदेशों का हमेशा किया सम्मान
प्रीतम लोधी ने कहा कि न्यायालय चाहे सजा दे या बरी करे, उसके फैसले का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनका खुद का भी लंबा न्यायिक संघर्ष रहा है और उन्होंने हमेशा अदालत के आदेशों का पालन किया है। उनके खिलाफ भी कई मुकदमे चले, लेकिन न्यायालय ने उन्हें बरी कर दिया। उन्होंने कहा कि करीब 35 वर्ष पहले एक मजिस्ट्रेट ने उन्हें बरी करते हुए कहा था कि वे गरीबों की सेवा करेंगे और विधायक बनेंगे। आज वे विधायक बनकर जनता की सेवा कर रहे हैं।
पहले भी कई बार बेटे को थाने पहुंचाया
विधायक ने दावा किया कि वे पहले भी तीन बार दिनेश लोधी को खुद चौकी और थाने में पेश करा चुके हैं। इसके अलावा कई इनामी आरोपियों को भी पुलिस के सामने हाजिर कराया है। उन्होंने कहा कि जब वह आरोपियों को लेकर चौकी और थाने पहुंचते थे, तो पुलिस भी हैरान रह जाती थी। पुलिस कहती थी कि जिन लोगों को वह नहीं पकड़ पा रही, उन्हें प्रीतम लोधी खुद हाजिर करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून से बड़ा कोई नहीं होता।
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डकैतों को भी दी थी सरेंडर की सलाह
प्रीतम लोधी ने कहा कि उन्होंने कुख्यात डकैत रामबाबू गड़रिया और ददुआ तक को कोर्ट में सरेंडर करने की सलाह दी थी। उस समय उनके साथ उमा भारती के भाई स्वामी लोधी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि उस दौर में भी उन्होंने डकैतों से न्यायालय पर भरोसा रखने और सरेंडर करने की अपील की थी। हालांकि वह प्रयास सफल नहीं हो सका। इसके बावजूद उन्होंने हमेशा कानून और न्यायालय का सम्मान करने की बात कही।
पूर्व विधायक केपी सिंह पर भी साधा निशाना
बयान के दौरान प्रीतम लोधी ने पूर्व कांग्रेस विधायक केपी सिंह पर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनका परिवार न्यायालय का सम्मान करता है और दिनेश लोधी को भी अदालत में उपस्थित होकर कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि कानून के सामने सभी बराबर हैं। न्यायालय के आदेशों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इसी भावना के साथ आगे भी वे न्यायिक व्यवस्था का सम्मान करते रहेंगे।












