MP News:भोपाल के ऐशबाग में अधूरा सुलभ कॉम्पलेक्स, रेलवे जमीन पर निर्माण से बढ़ा विवाद

राजधानी भोपाल में 90 डिग्री ब्रिज के लिए जाना जाने वाला ऐशबाग इलाका एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह है यहां बनाया जा रहा सुलभ कॉम्पलेक्स। यह कॉम्पलेक्स व्यापारियों और आसपास के लोगों की सहूलियत के लिए बनाया जा रहा है। लेकिन अब लोगों की पहुंच ही इस कॉम्पलेक्स तक नहीं रही है।
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भोपाल के ऐशबाग में अधूरा सुलभ कॉम्पलेक्स, रेलवे जमीन पर निर्माण से बढ़ा विवाद

शाहिद खान, भोपाल। रेलवे की जमीन पर निर्माण होने से विवाद खड़ा हो गया है। बाउंड्रीवाल बनने से कॉम्पलेक्स तक पहुंच बंद हो गई है। स्थानीय लोगों ने पहले ही इस पर आपत्ति जताई थी। अब इसे लापरवाही और योजना की खामी बताया जा रहा है।

रेलवे की जमीन पर बना कॉम्पलेक्स

राजधानी में 90 डिग्री ब्रिज के लिए जाना जाने वाला ऐशबाग इलाका एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह है यहां बनाया जा रहा सुलभ कॉम्पलेक्स। यह कॉम्पलेक्स बागदिलकुशा मार्केट के व्यापारियों सहित आसपास के लोगों की सहूलियत के लिए बनाया जा रहा है। लेकिन दिक्कत ये है कि इन लोगों की कॉम्पलेक्स तक अब पहुंच ही नहीं रही। क्योंकि जिस जमीन पर इसे बनाया जा रहा है वह रेलवे की है और रेलवे ने हाल ही में बाउंड्रीवाल बनाकर बन रहे इस कॉम्पलेक्स को अपने दायरे में ले लिया है। इस कारण अब पूरा ढांचा दीवार के अंदर चला गया है और उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

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व्यापारियों ने सुलभ कॉम्पलेक्स बनाने की मांग की थी। 

बता दें कि एरिया में क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय की कमी को देखते हुए व्यापारियों ने भोपाल नगर निगम से सुलभ कॉम्पलेक्स बनाने की मांग की थी। निगम ने जल्द कार्रवाई करते हुए ऐशबाग आरओबी के पास निर्माण शुरू करा दिया। कुछ ही समय में यहां फाउंडेशन से लेकर दीवारें और छत तक तैयार हो गई, जबकि अब केवल फिनिशिंग का काम बाकी है। हालांकि, शुरुआत से ही रहवासियों ने इस जगह को लेकर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि यह जमीन रेलवे की है और यहां निर्माण आगे चलकर विवाद का कारण बन सकता है।

लोगों के सुझावों को किया नजरअंदाज

रहवासियों ने लिखित रूप से वैकल्पिक स्थान भी बताया, लेकिन क्षेत्रीय पार्षद और जिम्मेदार अधिकारियों ने इन सुझावों को नजरअंदाज कर काम जारी रखा। अब स्थिति यह है कि कॉम्पलेक्स तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं बचा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर निर्माण पूरा भी हो जाए, तो आम लोग इसका उपयोग कैसे कर पाएंगे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह मामला साफ तौर पर लापरवाही का उदाहरण है। उनका कहना है कि जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर सार्वजनिक धन खर्च किया गया है।

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क्या कहते हैं स्थानीय लोग ?

स्थानीय निवासी मो. इशराक का कहना है कि हमने आयुक्त से मिलकर इलाके में सुलभ कॉम्पलेक्स बनाने की मांग की थी साथ ही पुरानी पानी की टंकी के पास जगह भी बताई थी जो नगर निगम की है। लेकिन, हमारे सुझाव को नजरअंदाज कर रेलवे की जमीन पर कॉम्पलेक्स का निर्माण शुरू करा दिया गया। अब रेलवे ने जो बाउंड्रीवॉल बनाई है कॉम्पलेक्स उसके अंदर पहुंच गया है। इसी के साथ रहवासी सैय्यद अलमास का कहना है कि हम लोगों ने इलाके में शौचालय की जरूरत को देखते हुए मांग की थी, ताकि ग्राहकों और व्यापारियों को सुविधा मिल सके। लेकिन अब हालत यह है कि जो कॉम्पलेक्स बन रहा है, वहां पहुंचने का रास्ता ही बंद हो गया है। 

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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