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Gwalior News : 12वीं के छात्र ने बनाया कमाल का ड्रोन, इसमें बैठकर इंसान भर सकता है उड़ान, 80 किलो वजन सहने की क्षमता

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Gwalior News : 12वीं के छात्र ने बनाया कमाल का ड्रोन, इसमें बैठकर इंसान भर सकता है उड़ान, 80 किलो वजन सहने की क्षमता
ग्वालियर। कार में बैठकर उड़ने का सपना कुछ समय पहले तक किसी कॉमिक्स या साइंस फिक्शन फिल्म की फैंटसी मालूम पड़ती थी। ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र में अमेरिका की अग्रणी कंपनी ऊबर ने भी कुछ साल बाद उड़ती हुई टैक्सी के जरिए कैब सेवाएं मुहैया कराने का लक्ष्य रखा है। लेकिन बारहवीं कक्षा के छात्र ने अपनी जुनून, मेहनत और लगन से इसके सच होने की उम्मीद जगा दी है। ऐसे में अब हम भारत में भी जल्द से जल्द इस टेक्नोलॉजी के आने का सपना देख सकते हैं। ग्वालियर के प्रतिष्ठित सिंधिया स्कूल के छात्र मेधांश त्रिवेदी ने अपने जुनून, मेहनत और लगन इसको सच कर दिखाया है।

इंसान के साथ उड़ने वाला ड्रोन किया तैयार

ग्वालियर के सिंधिया स्कूल में पढ़ने वाले 12वीं के छात्र मेधांश त्रिवेदी ने एक ऐसा ड्रोन बनाया है, जिसमें इंसान बैठकर उड़ान भर सकता है। तीन महीने की कड़ी मेहनत और 3.50 लाख रुपए की लागत से बने इस ड्रोन को मेधांश ने MLDT-1 नाम दिया है। यह ड्रोन 80 किलो वजन सहने के साथ ही छह मिनट तक हवा में रह सकता है।

60 किमी की है अधिकतम स्पीड

MLDT-1 ड्रोन की अधिकतम रफ्तार 60 किमी प्रति घंटा है। हालांकि सुरक्षा कारणों से इसे फिलहाल 10 मीटर तक की ऊंचाई पर उड़ाया जा रहा है। बिना इंसान के यह ड्रोन 4 किमी की ऊंचाई तक उड़ सकता है। ड्रोन में 45 हॉर्स पावर का इंजन और चार मोटरें लगी हैं, जो इसे मजबूती और स्थिरता प्रदान करती हैं। यह 1.8 मीटर चौड़ा और 1.8 मीटर लंबा है।

इंटरनेट से मिली प्रेरणा

मेधांश ने बताया कि उन्हें यह विचार चीन के ड्रोन के बारे में इंटरनेट पर वीडियो देखकर आया। वीडियो देखने के बाद उन्होंने अपने टीचर्स से चर्चा की और उनके मार्गदर्शन में इस प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया।

शिक्षकों और परिवार का मिला समर्थन

मेधांश ने बताया कि ड्रोन बनाने के दौरान कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लेकिन शिक्षक मनोज मिश्रा और परिवार के सहयोग ने इसे संभव बना दिया। मनोज मिश्रा ने बताया कि मेधांश सातवीं कक्षा से ही नए-नए मॉडल बनाने और आविष्कार करने में रुचि दिखाता था।

भविष्य में एयर टैक्सी कंपनी बनाने का सपना

मेधांश ने बताया कि उसका सपना एक ऐसी एयर टैक्सी कंपनी शुरू करना है, जो लोगों को सस्ती और सुलभ उड़ान सेवाएं प्रदान करे। इसके अलावा, वह एक ऐसा हेलिकॉप्टर बनाना चाहता है जो आम लोगों की पहुंच में हो।

ISRO के सीईओ ने की सराहना

सिंधिया स्कूल के स्थापना दिवस पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और इसरो के सीईओ एस सोमनाथ ने भी मेधांश के इनोवेशन की प्रशंसा की। मेधांश ने कहा कि जैसे ही फंडिंग की व्यवस्था होगी, वह अपने ड्रोन को हाइब्रिड मोड पर अपग्रेड करेंगे। मेधांश ने बताया कि उनका ड्रोन कृषि कार्यों में उपयोगी हो सकता है। इसके जरिए सामान ढोने, एक स्थान से दूसरे स्थान तक व्यक्ति को पहुंचाने और खेती में मदद की जा सकती है।
Wasif Khan
By Wasif Khan

फिलहाल जुलाई 2024 से पीपुल्स अपडेट में सब-एडिटर हूं। बीते 3 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हूं। 12वीं म...Read More

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