पर्यावरण संरक्षण :व्यावसायिक गतिविधि बढ़ाने शहडोल सहित 22 जिला मुख्यालय फोर लेन से जुड़ेंगे, पहाड़ों की जगह सुरंग बनाई जाएगी

शहडोल-रीवा के बीच छुहिया घाटी के तीखे और अंधे मोड़ होने से आए दिन एक्सीडेंट होते रहते हैं। इस घाटी में फोर लेन करने के लिए जगह नहीं है। विभाग इस सड़क को फोर लेन करने के साथ घाटी में टनल बनाएगा।
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व्यावसायिक गतिविधि बढ़ाने शहडोल सहित 22 जिला मुख्यालय फोर लेन से जुड़ेंगे, पहाड़ों की जगह सुरंग बनाई जाएगी

अशोक गौतम, भोपाल। लोक निर्माण विभाग ने शहडोल, छिंदवाड़ा, डिंडोरी सहित प्रदेश के 22 जिला मुख्यालयों को फोर लेन और तीन नगर पालिका व 67 नगर पंचायतों को  टू लेन से जोड़ने का रोडमैप तैयार किया है। इससे एक जिले से दूसरे जिले तक पहुंचने में समय की बचत होगी, और औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। यह काम चार साल के अंदर होगा। कुछ सड़कें पीपीपी मोड पर बनेगी, जिससे निवेशक अगले 20-25 साल तक राशि वसूलेगा।  
इन राजमार्गों में जहां टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क अथवा वन्य जीव ज्यादा हैं वहां एलिवेटेड कॉरिडोर और अंडर पास बनाए जाएंगे। पहाड़ों को काटकर रोड बनाने के बजाय सुरंग बनाकर एक शहर से दूसरे शहर की दूरी कम करने के साथ साथ पहाड़ों को भी संरक्षित किया जाएगा।

तिलवारी-हर्दी जनकपुर मार्ग

सीधी जिले के अंतर्गत तिलवारी-हर्दी (जनकपुर) मार्ग पर संजय-दुबरी टाइगर रिजर्व और बघेलखंड के घने जंगलों का क्षेत्र पड़ता है। इस मार्ग पर करौंदिया, हर्दी और आसपास के बफर जोन के जंगलों में बाघ, तेंदुआ, भालू, चीतल और नीलगाय जैसे वन्य जीवों की आवाजाही ज्यादा होती है। इस मार्ग के निर्माण को लेकर स्थानीय विधायक कई बार विधानसभा में मुद्दा उठा चुके हैं।

रीवा-गोविंदगढ़-शहडोल मार्ग

शहडोल-रीवा के बीच छुहिया घाटी के तीखे और अंधे मोड़ होने से आए दिन एक्सीडेंट होते रहते हैं। इस घाटी में फोर लेन करने के लिए जगह नहीं है। विभाग इस सड़क को फोर लेन करने के साथ घाटी में टनल बनाएगा। दोनों शहरों के बीच लगभग 14 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। जहां पहले शहडोल से रीवा पहुंचने में 4 घंटे से अधिक समय है। टनल बनने से दूरी तय करने में 3 घंटे ही लगेंगे।

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सभी औद्योगिक क्षेत्र जुड़ेंगे एक्सप्रेस-वे और फोरलेन से

राज्य सरकार औद्योगिक क्षेत्रों और लॉजिस्टिक हबों को भी फोर लेन कने?क्टिविटी देगी। इससे मुख्य रूप से मालनपुर, घिरोंगी, पीलूखेड़ी, मक्सी, मेघनगर, मनेरी, बोरगांव, लमतरा, बैढ़न और नए विकसित हो रहे मंदसौर औद्योगिक क्लस्टर शामिल हो सकते हैं। इन क्षेत्रों में निवेश तो आया है, लेकिन सड़क कनेक्टिविटी अभी भी कई स्थानों पर उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को प्रभावित कर रही है।

यपोर्ट, बस टर्मिनल से जुडेंगे बड़े शहर

सभी बड़े शहरों को एयपोर्ट, बस टर्मिनल और बड़े फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इससे शहर और शहर के बाहर से आने वाले लोगों के आवागमन को सहज और आसान बनाया जाएगा। मुख्य क्षेत्र, पर्यटन, ऐतिहासिक स्थल, धार्मिक स्थल, नेशनल पार्क के लिए सीधी कनेक्टिविटी बनाई जाएगी। जिससे पर्यटकों का आवागमन बढ़े और लोगों को रोजगार भी मिले। 

फोर लेन से समय बचने के साथ ही जाम फ्री होंगे रास्ते

कटनी जिले के मार्बल एवं खनिज कारोबारी संजय सिंह राणा ने बताया कि जिले के लमतरा औद्योगिक क्षेत्र से सड़क डबल लेन है। यहां बार मार्बल सहित अन्य खनिज लेकर निकलने वाले ट्रक एक दूसरे को पास देने के दौरान फंस जाते हैं। सबसे ज्यादा बारिश के दौरान समस्या होती है। फोर लेन बनने के बाद माल का परिवहन जल्द होगा, डीजी की खपत कम होगी, वाहन भी खराब होने से बच जाएंगे। 

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तीन से चार साल में सड़कों का चौड़ीकरण हो जाएगा

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव, सुखबीर सिंह का कहना है कि प्रदेश के कई जिले ऐसे हैं,जहां पहुंच मार्ग अभी टू लेन है। इन मार्गों को फोर लेन किया जाएगा। इसके अलावा कई जिलों को एक्सप्रेस-वे और हाइवे से जोड़ा जाएगा। यह काम तीन से चार साल के अंदर करने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। 

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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