MP High Court : मप्र की ACS रश्मि अरुण शमी पर हाईकोर्ट ने लगाया 25 हजार रुपए का जुर्माना, खुद की जेब से भरना होगा फाइन

जबलपुर। अवमानना के मामले में गलत रिपोर्ट पेश करने वाली खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी पर हाईकोर्ट ने 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने एसीएस के रवैये को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें कड़ी फटकार भी लगाई। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि जुर्माने की राशि उन्हें अपनी जेब से देनी होगी।
सात कर्मचारियों को रेगुलर करने से संबंधित मामला
मामला जिला उपभोक्ता आयोग जबलपुर, सिवनी, सतना और रीवा में काम करने वाले 7 कर्मचारियों के नियमितीकरण से संबंधित था। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच द्वारा 27 मार्च 2025 को याचिकाकर्ताओं को नियमित करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। आदेश का पालन न होने पर यह अवमानना याचिका वर्ष 2025 में दाखिल की गई थी। मामले में अवमानना की कार्रवाई से बचने के लिए विभाग ने 11 जून 2026 को एक नया आदेश जारी कर याचिकाकर्ताओं को केवल स्थाई कर्मी घोषित कर दिया और इसकी रिपोर्ट 16 जून को कोर्ट में पेश कर दी। इस पर हाईकोर्ट ने एसीएस को तलब किया था।
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स्वीकारा स्टेटस रिपोर्ट में गलत आदेश था
सुनवाई के दौरान एसीएस ने स्वीकार किया कि स्टेटस रिपोर्ट में गलती से गलत आदेश संलग्न हो गया था और उन्होंने बिना शर्त माफी मांगते हुए इसे वापस लेने की प्रार्थना की। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव जैसे उच्च पद पर बैठे अधिकारी से ऐसी लापरवाही की उम्मीद नहीं की जा सकती। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुशील मिश्रा ने पक्ष रखा।
सुनवाई स्थगित की
सिंगल बेंच ने पाया कि इस मामले के खिलाफ एक रिट अपील डिवीजन बेंच के समक्ष लंबित है, इसलिए कोर्ट ने अवमानना याचिका की सुनवाई को स्थगित कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई जुलाई के अंतिम सप्ताह में होगी, जिसमें रिट अपील के परिणाम या विभाग को नई रिपोर्ट पेश करनी होगी।
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