MP High Court : मप्र के सांदीपनि स्कूलों में यूनिफॉर्म टेंडर के वर्क ऑर्डर पर हाईकोर्ट की रोक

जबलपुर। मप्र के सांदीपनि स्कूलों में यूनिफॉर्म सप्लाई के टेंडर का वर्क ऑर्डर जारी करने पर मप्र हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। राजस्थान की एक कंपनी ने याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि 12 करोड़ रुपए के टेंडर के लिए 3 साल में 60 करोड़ के टर्न ओवर की शर्त सिर्फ इसलिए लगाई गई, ताकि चहेतों को फायदा पहुंचाया जा सके। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने टेंडर की शर्तें प्रथम दृष्टया पक्षपातपूर्ण पाते हुए यह अंतरिम आदेश दिया। साथ ही राज्य सरकार व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए।
टेंडर की शर्तों को अचानक बदल दिया गया
भीलवाड़ा (राजस्थान) की सुविधि रेयन्स की ओर से दाखिल इस याचिका में कहा गया है कि प्रदेश के सांदीपनि स्कूलों में यूनिफॉर्म सप्लाई का टेंडर सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया। टेंडर की कुल कीमत करीब 10 से 12 करोड़ रुपए है। पहले इस टेंडर में गारमेंट और फैब्रिक मैन्युफैक्चरर्स (कपड़ा निर्माताओं) को भाग लेने की अनुमति थी। अचानक, कुछ खास चेहरों को फायदा पहुंचाने की नीयत से टेंडर की शर्तों को पूरी तरह बदल दिया गया। अब टेंडर में यह शर्त लगा दी गई कि जिनका 3 साल का टर्न ओवर 60 करोड़ रुपए होगा, सिर्फ वे ही इसमें भाग ले सकेंगे। इस शर्त की वैधानिकता को चुनौती देकर यह याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की गई।
ये भी पढ़ें: Pune Ketan Agarwal Murder Case : 'केतन विग लगाता था, यह बात सिया को पहले से मालूम थी...' मृतक के पिता का खुलासा
सुनवाई के बाद नोटिस जारी किए
याचिका में मप्र सरकार, पाठ्य पुस्तक निगम के एमडी, सांदीपनि विद्यालय के डायरेक्टर और लोक संचालनालय आयुक्त को पक्षकार बनाया गया है।
ये भी पढ़ें: केतन हत्याकांड के लिए माता- पिता को दोष देना गलत... आज के युवा कई तरह की लाइफ जी रहे: कंगना रनौत












