भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने पूरी ताकत के साथ दस्तक दी है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया, ट्रफ लाइन और चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) की वजह से प्रदेश में तीन बड़े सिस्टम सक्रिय हैं। इसके चलते बीते 48 घंटों से झमाझम बारिश हो रही है और अगले 4 दिन तक राहत की उम्मीद नहीं है।
राजधानी भोपाल में शुक्रवार रात से मूसलधार बारिश जारी है। अल्पना तिराहा और रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 के पास जलभराव हो गया, जिससे आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वहीं, ग्वालियर में जलभराव के हालात बन गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी आवास में भी पानी घुस गया। हजीरा इलाके में एक पुरानी इमारत गिर गई।
प्रदेश के प्रमुख बांधों के गेट खोल दिए गए हैं:
तवा डैम (नर्मदापुरम): 7 गेट 10 फीट तक खोलकर 1,08,458 क्यूसेक पानी छोड़ा गया
सतपुड़ा डैम (बैतूल): 7 गेट 6 फीट तक खुले, 32 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा
बरगी डैम (जबलपुर): 7 गेट खोले गए
अटल सागर डैम (शिवपुरी): 6 गेट से 1,609 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया
बारना डैम (रायसेन): 6 गेट से 22,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया
इसके कारण कई जिलों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। मंडला में नर्मदा नदी 437.2 मीटर पर पहुंच गई, जिससे माहिष्मती घाट का छोटा पुल डूब गया।
मौसम विभाग ने 41 जिलों में अलर्ट जारी किया है:
रेड अलर्ट (8 इंच से अधिक बारिश का अनुमान)
रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा
ऑरेंज अलर्ट (6–8 इंच बारिश संभव)
गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, सीधी, सिंगरौली समेत 21 जिले
येलो अलर्ट (4–6 इंच बारिश संभावित)
भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, इंदौर, उज्जैन, देवास, राजगढ़, शाजापुर, खंडवा, हरदा समेत 14 जिले
हल्की बारिश का अनुमान
प्रदेश के बाकी जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
ग्वालियर जिले के डबरा में रामगढ़ नाला उफान पर है। नंदू का डेरा क्षेत्र जलमग्न हो गया है। पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों ने घर खाली करवाए। रायसेन के बरेली में निचली बस्तियों को अलर्ट पर रखा गया है। छतरपुर में धसान नदी के बान सुजारा डैम से 5 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे जलस्तर 9 फीट तक बढ़ने की आशंका है।
इस सीजन में प्रदेश में 22.5 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य (15.1 इंच) से 49% अधिक है। निवाड़ी, टीकमगढ़, श्योपुर में कोटा पूरा हो चुका है। इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे हैं, जहां 10 इंच से भी कम पानी गिरा है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी आने के कारण अगले चार दिन तक बारिश का दौर जारी रहेगा। 27 और 28 जुलाई को भी भारी से अति भारी बारिश के आसार हैं।
27 जुलाई:
रेड अलर्ट – शिवपुरी, अशोकनगर
ऑरेंज – मंदसौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, सागर, छतरपुर
येलो – भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, जबलपुर आदि
28 जुलाई:
ऑरेंज – ग्वालियर, भिंड, दतिया, गुना, टीकमगढ़
येलो – नीमच, देवास, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सीहोर आदि