Naresh Bhagoria
7 Feb 2026
Shivani Gupta
7 Feb 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से बीजेपी की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का लव जिहाद को लेकर एक नया विवादित बयान सामने आया है, जिससे लोगों के बीच बहस शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि, 'यदि कोई लड़की अपने माता-पिता की बात नहीं मानती और किसी दूसरे धर्म के युवक से संबंध बनाना चाहती है, तो परिवार को कड़ा रुख अपनाना चाहिए और उसे सही रास्ते पर लाने की कोशिश करनी चाहिए।'
साध्वी प्रज्ञा ने कहा, 'अगर जरूरत हो तो बेटी को डांटना चाहिए ताकि उसका भविष्य सुरक्षित रह सके। और यदि वह फिर भी नहीं माने, तो उसकी टांगें तोड़ दो। अगर बच्ची की भलाई के लिए मारना भी पड़े, तो पीछे मत हटो। आगे उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे बेटियां बड़ी होती हैं, वे खुद फैसले लेने लगती हैं और कई बार घर से भागने की कोशिश भी करती हैं। ऐसे हालात में परिवार को सतर्क रहना चाहिए और हर संभव प्रयास करना चाहिए कि बेटी भटके नहीं। आगे कहा कि परिवारों को अपनी बेटियों को संस्कारों से जोड़कर रखना चाहिए और यदि वह बाहर के प्रभाव में आकर गलत दिशा में जाती है, तो सख्त कदम उठाने चाहिए।
साध्वी प्रज्ञा का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। देशभर में इस बयान की चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे पारंपरिक मूल्यों की रक्षा का प्रयास बता रहे हैं, तो वहीं बहुत से सामाजिक कार्यकर्ता और आलोचक इसे महिलाओं की आजादी और अधिकारों पर हमला मान रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, किसी भी लड़की को उसकी मर्जी के खिलाफ दबाव डालना या हिंसा करना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि नैतिक रूप से भी गलत है।
वहीं, साध्वी प्रज्ञा के समर्थकों का मानना है कि आज के दौर में परिवारों की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों को बाहरी प्रभावों से बचाएं और सही दिशा में आगे बढ़ाएं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर जैसे नेताओं के ऐसे बयान अक्सर मीडिया और आम जनता का ध्यान आकर्षित करते हैं। इसका असर चुनावी रिजल्ट पर भी पड़ सकता है। यह बयान केवल भोपाल या मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रहा सोशल मीडिया पर इसके वायरल होने के कारण यह अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है।