2036 की बिजली जरूरत के लिए 2800 मेगावाट थर्मल पावर खरीदेगा मप्र, हर विधानसभा में बनेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

2036 तक की बिजली मांग पूरी करने का प्लान
मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रदेश में तेजी से हो रहे औद्योगिकीकरण, सेमीकंडक्टर और टेलीकॉम उद्योगों के विस्तार तथा शहरों के विकास के कारण आने वाले वर्षों में बिजली की मांग बढ़ेगी। पावर मैनेजमेंट कंपनी के आकलन के अनुसार 2036 तक करीब 1900 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की जरूरत हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए 1800 मेगावाट नई थर्मल पावर खरीदने तथा पहले से लंबित 900 मेगावाट के पावर परचेज एग्रीमेंट को मिलाकर कुल 2800 मेगावाट की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए 960 करोड़ का प्रावधान
कैबिनेट ने प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में खेल सुविधाओं को विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना को मंजूरी दी। प्रस्ताव के अनुसार जहां 10 एकड़ या उससे अधिक जमीन उपलब्ध होगी, वहां इंडोर और आउटडोर दोनों तरह की खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रत्येक कॉम्प्लेक्स में करीब 10 से 12 खेलों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें पांच-छह इंडोर और चार-पांच आउटडोर खेल शामिल होंगे। योजना के तहत प्रशिक्षकों की व्यवस्था, मैदानों का रखरखाव, हरियाली और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की सुविधाएं भी शामिल रहेंगी। सरकार के अनुसार अगले पांच वर्षों में इसके लिए करीब 960 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश की करीब 230 विधानसभा सीटों में से लगभग 90 क्षेत्रों में खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि करीब 140 क्षेत्रों में नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाने की योजना है।

स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हेलिपैड
योजना की खास बात यह है कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हेलिपैड की सुविधा भी विकसित करने का प्रस्ताव है। इसका उपयोग जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस सेवा के लिए किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आपात स्थिति के दौरान हेलिकॉप्टर उतारने के लिए अलग से स्थान तैयार करने में लगने वाला समय कम होगा। इस तरह खेल अधोसंरचना के साथ स्वास्थ्य आपातकालीन सेवाओं के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकेगा।
इंदौर डेंटल कॉलेज में बढ़ेंगी बीडीएस और पीजी सीटें
इंदौर के डेंटल कॉलेज में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए नए पद सृजित करने का निर्णय लिया गया। बीडीएस की सीटें 60 से बढ़ाकर 100 तथा पोस्ट ग्रेजुएट सीटें 35 से बढ़ाकर 46 करने का प्रस्ताव है। इससे प्रदेश में दंत चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सीटों की संख्या बढ़ेगी।
9100 करोड़ की जारी परियोजनाओं को निरंतरता
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों की करीब 9100 करोड़ रुपए की जारी परियोजनाओं को निरंतरता देने के प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें सिंचाई, न्यायिक व्यवस्था और अन्य विभागों से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
सिंगरौली-रतलाम की हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट बनाने की तैयारी
औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को देखते हुए सिंगरौली और रतलाम की हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। दोनों क्षेत्रों में उद्योगपतियों की रुचि और बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए हवाई कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण अधोसंरचना के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना 25 सितंबर से होगी शुरू
कैबिनेट में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना की भी जानकारी दी गई। योजना के तहत 25 सितंबर से भोपाल में इसकी शुरुआत प्रस्तावित है। मार्च तक करीब 1000 निजी बसों को एग्रीमेंट के माध्यम से योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार स्वयं बसें खरीदकर संचालित करने के बजाय निजी बस ऑपरेटरों की भागीदारी से परिवहन व्यवस्था विकसित करेगी। योजना के तहत यात्रियों की सुविधा के अनुसार रूट निर्धारित किए जाएंगे। नए इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। बसों में जीपीएस और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है, जिससे यात्री ऑनलाइन बस की स्थिति और देरी की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। सरकार के अनुसार वर्ष 2030-31 तक प्रदेश में करीब 14,981 बसों को इस व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य है।
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इंदौर-जबलपुर ग्रीनफील्ड हाईवे बनेगा औद्योगिक कॉरिडोर
बैठक में इंदौर से भोपाल और भोपाल से जबलपुर तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे को केवल परिवहन परियोजना के बजाय आर्थिक विकास के मॉडल के रूप में विकसित करने की परिकल्पना भी सामने रखी गई। इंदौर से जबलपुर के बीच क्षेत्र को औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तहत चार बड़े औद्योगिक क्षेत्रों के साथ एक नई सिटी विकसित करने की परिकल्पना है। सरकार के अनुसार इससे करीब दो लाख रोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य है।
प्राथमिक स्तर पर जीरो ड्रॉपआउट
कैबिनेट में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धि की भी जानकारी दी गई। सरकार के अनुसार इस वर्ष प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर शून्य रही है। बताया गया कि वर्ष 2022-23 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट करीब 15 प्रतिशत था। सरकार ने इसे शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर 3.88 करोड़ दीप जलाए
बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की उपलब्धियों की भी जानकारी दी गई। सरकार के अनुसार 15 सितंबर को प्रदेशभर में करीब 3 करोड़ 88 लाख दीप प्रज्वलित किए गए। उज्जैन में करीब 32 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित होने की जानकारी दी गई। इसी अवसर पर प्रदेशभर में करीब 1100 स्थानों पर रक्तदान कार्यक्रम आयोजित किए गए और उज्जैन में करीब 25 हजार यूनिट रक्तदान किया गया।
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बेंगलुरु रोड शो में टेलीकॉम निवेश पर चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बेंगलुरु में रोड शो में शामिल होने की जानकारी भी दी गई। इसका उद्देश्य ग्वालियर में विकसित किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब के दूसरे चरण के लिए निवेश आकर्षित करना है। सरकार के अनुसार हब के पहले चरण में टेलीकॉम क्षेत्र की कंपनियों ने जमीन बुक कर ली है। अब दूसरे चरण के विस्तार को लेकर निवेशकों से चर्चा की जा रही है।


















