मध्य प्रदेश के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP बोर्ड) 10वीं और 12वीं के रिजल्ट 15 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे जारी करने जा रहा है। इस बार करीब 16 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनका इंतजार अब खत्म होने वाला है। खास बात यह है कि, इस साल रिजल्ट पिछले सालों की तुलना में पहले जारी किया जा रहा है, जिससे छात्रों को आगे की पढ़ाई और करियर प्लानिंग के लिए ज्यादा समय मिल सकेगा।
MP बोर्ड के अनुसार, रिजल्ट 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे घोषित किया जाएगा। छात्र अपना परिणाम ऑनलाइन वेबसाइट, मोबाइल ऐप और DigiLocker के जरिए देख सकेंगे। रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को अपना रोल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी तैयार रखनी होगी, ताकि रिजल्ट आने के बाद किसी तरह की परेशानी न हो।
छात्र अपना रिजल्ट कई प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से देख सकते हैं।
रिजल्ट चेक करने के प्लेटफॉर्म-
इसके अलावा इंटरनेट स्लो होने की स्थिति में SMS के जरिए भी रिजल्ट देखा जा सकता है।
अगर वेबसाइट स्लो हो जाए, तो छात्र SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं।
10वीं के लिए-
12वीं के लिए-
यह तरीका उन छात्रों के लिए काफी मददगार होता है, जिनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं होती।
रिजल्ट देखने की प्रक्रिया बहुत आसान है।
स्टेप-बाय-स्टेप तरीका:
इस साल MP बोर्ड की परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए थे।
10वीं: करीब 9 लाख 7 हजार छात्र
12वीं: लगभग 7 लाख छात्र
कुल: 16 लाख से अधिक छात्र
इन परीक्षाओं के लिए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
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MP बोर्ड में पास होने के लिए छात्रों को हर विषय में न्यूनतम अंक लाना जरूरी होता है।
सामान्य नियम: 33% अंक जरूरी
थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में अलग-अलग पास होना जरूरी है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल पासिंग मार्क्स को 30% तक कम करने पर भी विचार किया गया, जिससे कई छात्रों को राहत मिल सकती है।
रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों की मार्कशीट में कई जरूरी जानकारियां दर्ज होंगी।
मार्कशीट में शामिल जानकारी-
अगर कोई छात्र अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसे री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) का मौका मिलेगा। इसके लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना होगा। इसके अलावा जो छात्र एक या दो विषयों में फेल हो जाते हैं, उन्हें सप्लीमेंट्री परीक्षा का मौका दिया जाएगा, ताकि उनका साल खराब न हो।
इस बार नकल रोकने के लिए बोर्ड ने कई सख्त कदम उठाए थे, जैसे फ्लाइंग स्क्वॉड, CCTV निगरानी और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी। इसके बावजूद करीब 100 नकल प्रकरण सामने आए। मुरैना में सबसे ज्यादा 41 मामले और भोपाल में 20 मामले दर्ज किए गए।
इस बार बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया है, ताकि रिजल्ट समय से पहले जारी किया जा सके। इससे छात्रों को कॉलेज एडमिशन के लिए ज्यादा समय मिलेगा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी और करियर प्लानिंग आसान होगी।