कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन तय:डी.के. शिवकुमार 3 जून को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

बैंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव लगभग तय हो चुका है। कांग्रेस विधायक दल के फैसले के बाद अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की औपचारिक प्रक्रिया तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, वे 3 जून को शाम 4 बजकर 5 मिनट पर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह शपथ ग्रहण समारोह बेंगलुरु स्थित लोकभवन के ग्लास हाउस में आयोजित किया जाएगा।
क्यों बदल गया शपथ ग्रहण का आयोजन स्थल?
पहले चर्चा थी कि शपथ ग्रहण समारोह विधानसभा के ग्रैंड स्टेप्स पर आयोजित किया जाएगा। लेकिन बाद में भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए इसे बदल दिया गया। अब यह कार्यक्रम लोकभवन के अंदर ही होगा, जहां सीमित अतिथियों की मौजूदगी में यह संवैधानिक समारोह संपन्न कराया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, सरकार और प्रशासन दोनों ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी तरह की अव्यवस्था या सुरक्षा समस्या न हो।
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इस्तीफे के बाद बदला राजनीतिक समीकरण
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 28 मई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा था कि उनका इस्तीफा पूरी तरह उनकी इच्छा और पार्टी हाईकमान के सुझाव पर आधारित है। इस्तीफे के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई। इसके बाद राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और मंत्रिपरिषद को भंग कर दिया, जिससे नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया।
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राज्यपाल से मुलाकात और सरकार बनाने का दावा
सूत्रों के अनुसार, डीके शिवकुमार ने दिन में लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की। यह मुलाकात संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा थी, जिसमें सरकार गठन की दिशा में औपचारिक चर्चा की गई। विधायक दल की बैठक के बाद वे राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। इसके साथ ही कर्नाटक में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच जाएगी।
संवैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा गठन
सरकार बनाने के लिए सबसे पहले विधायक दल का समर्थन जरूरी होता है, जो कि कांग्रेस के भीतर पहले ही स्पष्ट हो चुका है। अब डीके शिवकुमार बहुमत समर्थन के आधार पर राज्यपाल को विधायकों की सूची सौंपेंगे और सरकार गठन का दावा पेश करेंगे। राज्यपाल की मंजूरी के बाद ही उन्हें औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी।
दिल्ली से बेंगलुरु तक चली सियासी चर्चा
इस बदलाव से पहले डीके शिवकुमार ने दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की थी। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से अलग-अलग बातचीत की। इन बैठकों को बेहद महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि यहीं पर कर्नाटक नेतृत्व परिवर्तन की दिशा तय हुई।
शांत सत्ता हस्तांतरण पर जोर
कांग्रेस नेतृत्व ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि सत्ता परिवर्तन पूरी तरह शांत और व्यवस्थित तरीके से हो। इसी वजह से शपथ ग्रहण समारोह को भव्यता के बजाय सादगी के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।











