सत्य निकेतन हादसे पर HC सख्त, बोला- सिर्फ मालिक नहीं MCD भी जिम्मेदार

दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में PG हॉस्टल के तौर पर चल रही दो इमारतों के गिरने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हादसे को लेकर दाखिल जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, MCD, दिल्ली पुलिस, दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी सिर्फ PG हॉस्टल के मालिक की नहीं है, बल्कि MCD प्रशासन की भी है, जो यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है कि निर्माण नियमों के मुताबिक हो। हाईकोर्ट ने हादसे में गिरी इमारतों की वैधता और निर्माण अनुमति की जांच के साथ-साथ PG हॉस्टलों का ऑडिट कराने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है।

HC ने कहा- अधिकारियों को ज्यादा गहराई से काम करने की जरूरत
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि हर कुछ महीनों में ऐसी घटनाएं होती हैं, जिनमें निर्दोष छात्रों की जान चली जाती है। कभी आग लगती है, कभी पानी भरता है और कभी इमारत ढह जाती है। वकील ने कहा कि MCD को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि अधिकारियों को अधिक गहरे और सार्थक तरीके से काम करने की जरूरत है। कोर्ट ने कहा कि हादसे में गिरी इमारतों में आसपास के दिल्ली यूनिवर्सिटी से जुड़े कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र रहते थे। चीफ जस्टिस ने कहा कि ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी केवल PG हॉस्टल मालिक की नहीं है। MCD प्रशासन की भी जिम्मेदारी है, क्योंकि निर्माण नियमों के अनुसार हो रहा है या नहीं, यह सुनिश्चित करना उसके जिम्मे है। कोर्ट ने कहा कि अगर अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को लेकर सजग होते तो शायद ऐसी त्रासदी को टाला जा सकता था।
DU में हॉस्टल की कमी पर भी उठे सवाल
सुनवाई के दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी में बाहर से आने वाले छात्रों के लिए हॉस्टल की पर्याप्त सुविधा नहीं होने का मुद्दा भी उठा। कोर्ट ने कहा कि यह आम जानकारी है कि DU बाहर से आने वाले छात्रों को पर्याप्त हॉस्टल सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराता। ऐसे में छात्रों को PG में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। हाईकोर्ट ने DU से पूछा कि उसके कॉलेजों में बाहर से आने वाले कितने छात्र पढ़ते हैं और यूनिवर्सिटी या कॉलेजों की ओर से कितने हॉस्टल चलाए जा रहे हैं। कोर्ट ने इसका डेटा मांगा है। साथ ही MCD से पूछा गया कि क्या PG चलाने के लिए कोई नियम मौजूद हैं। MCD को इस संबंध में विस्तृत जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
गिरी इमारतों की परमिशन की होगी जांच
हाईकोर्ट ने MCD के उच्चतम कार्यकारी स्तर पर यह जांच कराने का निर्देश दिया है कि हादसे में गिरी इमारतें वैध अनुमति के साथ बनाई गई थीं या नहीं। अगर इमारतें बिना अनुमति के बनाई गई थीं तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने को कहा गया है। कोर्ट ने गलत काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण भी मांगा है। इसके साथ ही MCD को PG हॉस्टलों का ऑडिट करने का निर्देश दिया गया है। इसमें यह जांच की जाएगी कि हॉस्टल संबंधित निर्माण अनुमति और बिल्डिंग बायलॉज के तहत बनाए गए हैं या नहीं। सुनवाई के दौरान वकील ने बताया कि छात्र फ्लैट भी किराए पर लेते हैं। इस पर हाईकोर्ट ने सवाल किया कि सरकार को कैसे पता चलता है कि कोई फ्लैट PG के तौर पर किराए पर दिया जा रहा है। कोर्ट ने PG हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों की संख्या का डेटा भी मांगा है।
मुआवजे और स्वतंत्र जांच की मांग
याचिकाकर्ता अनिकेत कुमार गुप्ता ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने मामले की स्वतंत्र जांच और इलाके के सभी PG व हॉस्टल की इमारतों का संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है। कोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार, MCD और NHRC से रिपोर्ट और ऑडिट से जुड़ी जानकारी मांगी है। वहीं, MCD, केंद्र और दिल्ली पुलिस की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि बचाव प्रयासों को दोगुना किया जाएगा, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।
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बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता गिरफ्तार
इस बीच सत्य निकेतन इमारत हादसे के मामले में पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा है और अब उसे दिल्ली लेकर आ रही है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। हादसे के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने हरिराम गुप्ता की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस ने पालम विहार स्थित उसके आवास पर भी छापेमारी की थी, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को आशंका थी कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह किसी सुरक्षित ठिकाने पर छिपा हुआ है। पुलिस ने उसके करीबियों और सहयोगियों के ठिकानों पर भी दबिश दी थी। मामले में बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है।
MCD के 5 अधिकारी सस्पेंड
हादसे के बाद MCD के पांच अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। इनमें डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। सभी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुई इस घटना में PG हॉस्टल के तौर पर चल रही दो इमारतें ढह गई थीं। इन इमारतों में करीब 50 छात्र रह रहे थे। हादसे के बाद कई छात्रों को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की बात सामने आई थी। अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद जहां पुलिस बिल्डिंग मालिक के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, वहीं हाईकोर्ट की सुनवाई ने MCD और प्रशासन की जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। कोर्ट के निर्देश के बाद अब दिल्ली में PG और हॉस्टल के निर्माण, उनकी अनुमति और सुरक्षा मानकों की जांच पर भी फोकस बढ़ गया है।




















