काफिले का शो ऑफ पड़ा भारी!पीएम की अपील की अनदेखी पर सरकार का एक्शन, सैकड़ों गाड़ियों की रैली पर नवनियुक्त अध्यक्ष को पद से हटाया

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर-भिंड क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के भारतीय किसान मोर्चा के भिंड जिला अध्यक्ष बनाए गए सज्जन सिंह यादव को पार्टी ने उनके पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई उस घटना के बाद हुई जिसमें उन्होंने सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ भव्य रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया था। इस रैली का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और मामला पार्टी नेतृत्व तक पहुंच गया। संगठन ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए तुरंत सख्त कदम उठाया और उनकी नियुक्ति रद्द कर दी।
भव्य काफिले से शुरू हुआ विवाद
भिंड जिले में भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति के बाद आयोजित एक कार्यक्रम अब बड़ा विवाद बन गया है। पद मिलने के बाद पहली बार जब वह अपने क्षेत्र में पहुंचे तो उन्होंने समर्थकों के साथ एक विशाल वाहन रैली निकाली। इस रैली में दर्जनों नहीं बल्कि सैकड़ों गाड़ियां शामिल थीं, जिसने पूरे इलाके का ध्यान खींच लिया। ग्वालियर से भिंड तक सड़क पर यह काफिला जिस रास्ते से गुजरा वहां जाम जैसी स्थिति बन गई और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शक्ति प्रदर्शन रैली बनी परेशानी का कारण
रैली के दौरान जगह जगह समर्थकों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। फूल मालाएं, पटाखे और भीड़ के कारण माहौल पूरी तरह शक्ति प्रदर्शन जैसा हो गया। काफिले में 100 से अधिक वाहन शामिल थे, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। आम नागरिकों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। इसी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे और मामला तेजी से चर्चा में आ गया।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई संगठन की मुश्किलें
वीडियो में दिखाई दे रहा था कि बड़ा वाहन काफिला सड़कों पर चल रहा है और भीड़ भी मौजूद है। इस पूरे घटनाक्रम को पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लिया क्योंकि यह प्रधानमंत्री की उस अपील के विपरीत माना गया जिसमें ईंधन की बचत और सीमित उपयोग की बात कही गई थी।
अनुशासनहीनता मानते हुए पार्टी ने लिया फैसला
पार्टी संगठन ने इस पूरे मामले को अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखते हुए तत्काल कार्रवाई की। प्रदेश नेतृत्व की रिपोर्ट के बाद यह फैसला लिया गया कि सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति को निरस्त किया जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस तरह के शक्ति प्रदर्शन पार्टी की छवि के अनुकूल नहीं हैं और इससे गलत संदेश जाता है, पार्टी अनुशासन और नीतियों से समझौता नहीं करेगी।
इस विवाद को और गंभीर इसलिए माना गया क्योंकि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन की बचत करने और अनावश्यक वाहनों के उपयोग को कम करने की अपील की थी।
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मुख्यमंत्री के काफिले में भी दिखा बदलाव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करते हुए अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम की है।
पहले जहां काफिले में अधिक वाहन शामिल होते थे, वहीं अब इसे घटाकर सीमित कर दिया गया है। ईंधन बचत और सादगी को प्राथमिकता दी जा रही है।











