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VIP कल्चर पर कंट्रोल!पीएम मोदी की अपील के बाद बदला एमपी सरकार का अंदाज, CM मोहन यादव ने काफिले से घटाए वाहन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत अपील के बाद मध्य प्रदेश सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने काफिले की गाड़ियां घटाने का फैसला लिया है। अब मंत्रियों और अधिकारियों को भी सादगी अपनाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि जनता से सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
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पीएम मोदी की अपील के बाद बदला एमपी सरकार का अंदाज, CM मोहन यादव ने काफिले से घटाए वाहन
CM Mohan Yadav

मध्यप्रदेश। देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को कम करने के लिए अब मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने काफिले से गाड़ियों की संख्या घटाने का फैसला लिया है। इसके साथ ही उन्होंने मंत्रियों और प्रदेश के लोगों से भी ईंधन बचाने के लिए सादगी अपनाने की अपील की है। सरकार का कहना है कि यह फैसला केवल खर्च कम करने के लिए नहीं बल्कि राष्ट्रहित और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर लिया गया है।

अब छोटा होगा मुख्यमंत्री का काफिला

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कहा है कि आगामी आदेश तक उनके कारकेड में केवल जरूरी वाहन ही शामिल रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को Z+ सुरक्षा श्रेणी प्राप्त है। इसी वजह से उनके काफिले में अब तक कुल 13 वाहन शामिल रहते थे। नए आदेश के बाद भोपाल में स्थानीय भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री के काफिले में अब सिर्फ 8 वाहन शामिल होंगे, इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री के दौरों के दौरान वाहन रैली भी पूरी तरह बंद रहेगी। सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश राष्ट्रहित में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि देशहित सबसे ऊपर है और हर स्तर पर ईंधन की बचत जरूरी हो गई है।

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मंत्रियों को भी दिए गए सादगी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों से भी कम वाहनों का उपयोग करने को कहा है। अब मंत्री जब किसी दौरे या कार्यक्रम में जाएंगे तो उनके साथ सीमित गाड़ियां ही रहेंगी। सरकार चाहती है कि जनता के बीच यह संदेश जाए कि यदि नेतृत्व सादगी अपनाता है तो आम लोग भी उससे प्रेरणा लेते हैं। राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब सरकारी कार्यक्रमों में दिखावा और अनावश्यक खर्च कम किया जाएगा। नई नियुक्तियों और सरकारी आयोजनों में भी सादगी दिखाई देगी।

निगम-मंडल पदाधिकारियों के लिए भी नया नियम

सरकार ने नवनियुक्त निगम-मंडल पदाधिकारियों के लिए भी नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब पदभार ग्रहण करने के दौरान बड़ी वाहन रैली या शक्ति प्रदर्शन नहीं होगा। पदाधिकारी सादगी के साथ अपना कार्यभार संभालेंगे। सरकार का मानना है कि इससे सरकारी खर्च कम होगा और जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा। इससे सरकारी मशीनरी में अनावश्यक खर्च पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

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जनता से पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से भी खास अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। बस, ट्रेन और साझा वाहन व्यवस्था अपनाने से ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण भी कम होगा। सरकार का मानना है कि यदि आम लोग निजी वाहनों की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग बढ़ाते हैं तो इससे ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों पर असर पड़ेगा। साथ ही पेट्रोल-डीजल की खपत में भी कमी आएगी। सीएम ने कहा कि छोटे छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं और देशहित में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।

ऊर्जा मंत्री ने शुरू किया ई-स्कूटर का इस्तेमाल

मुख्यमंत्री के फैसले के बाद सरकार के दूसरे मंत्री भी इस दिशा में कदम बढ़ाते नजर आ रहे हैं। मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए ई-स्कूटर का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। उनका ई-स्कूटर चलाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं बीजेपी विधायक भगवानदास सबनानी भी ई-रिक्शा में सफर करते दिखाई दिए। सरकार के नेता इसे ईंधन बचत अभियान का हिस्सा बता रहे हैं।

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पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों पर फोकस

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकारी स्तर पर इस तरह के फैसले लगातार लागू किए जाते हैं तो इसका असर केवल ईंधन बचत तक सीमित नहीं रहेगा। इससे पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सरकारी खर्च में कमी जैसे कई सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। भारत में लगातार बढ़ती ईंधन खपत को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें अब वैकल्पिक ऊर्जा और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार का यह फैसला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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