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BRICS 2026:एक साथ कई देशों के विदेश मंत्रियों से मिले पीएम मोदी, होर्मुज से लेकर वैश्विक संकट तक चर्चा, BRICS में कूटनीति का बड़ा पल

नई दिल्ली में BRICS विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। बैठक में वैश्विक सुरक्षा, व्यापार और सहयोग पर चर्चा हुई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया और भारत की अध्यक्षता में चल रहे ब्रिक्स एजेंडे को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
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एक साथ कई देशों के विदेश मंत्रियों से मिले पीएम मोदी, होर्मुज से लेकर वैश्विक संकट तक चर्चा, BRICS में कूटनीति का बड़ा पल
BRICS 2026

नई दिल्ली। दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत ने एक महत्वपूर्ण  पहल की मेजबानी की। इस उच्च स्तरीय कार्यक्रम में कई देशों के विदेश मंत्री और प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनका स्वागत भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विभिन्न देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। यह कार्यक्रम भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य वैश्विक सहयोग, सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करना है। इस दौरान कई वैश्विक मुद्दों पर विचार विमर्श भी किया गया।

BRICS बैठक के दौरान दिल्ली में संवाद

नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक इस बार कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों के कारण चर्चा में रही। भारत की मेजबानी में हो रही इस बैठक में ब्राजील, रूस, ईरान, दक्षिण अफ्रीका और अन्य भागीदार देशों के विदेश मंत्री शामिल हुए। यह कार्यक्रम भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत आयोजित किया गया, जिसमें सहयोग, नवाचार और विकास जैसे विषयों पर चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए साझा दृष्टिकोण बनाना था।

 

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सेवा तीर्थ में पीएम मोदी की अहम मुलाकातें

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा तीर्थ में कई देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने आए हुए मंत्रियों और प्रतिनिधियों के साथ आधिकारिक BRICS FAMILY PHOTO के लिए भी पोज दिया। इस फोटो में इस उच्च स्तरीय राजनयिक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे सदस्य देशों और सहयोगी राष्ट्रों के प्रतिनिधि एक साथ नजर आए।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया प्रतिनिधियों का स्वागत

BRICS बैठक की अध्यक्षता करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भारत मंडपम में सभी विदेशी प्रतिनिधियों का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने वैश्विक व्यवस्था में शांति, सुरक्षा और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संवाद और कूटनीति पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि तकनीकी विकास और वैश्विक बदलावों के बीच विकासशील देशों को एक साथ आगे बढ़ना चाहिए।

वैश्विक मुद्दों पर भारत का स्पष्ट रुख

बैठक के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने समुद्री मार्गों, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता का भी उल्लेख किया। विशेष रूप से उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लाल सागर जैसे क्षेत्रों में बाधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव डालते हैं और इनके समाधान के लिए सहयोग जरूरी है।

BRICS देशों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी

इस बैठक में BRICS सदस्य देशों के विदेश मंत्री और अन्य भागीदार देशों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इसमें ब्राजील, रूस, ईरान, इंडोनेशिया, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और दक्षिण अफ्रीका के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल रहे। सभी ने मिलकर वैश्विक व्यापार, सुरक्षा और विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।  

भारत की अध्यक्षता में BRICS

भारत ने इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता संभालते हुए “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास” को मुख्य विषय बनाया है। इस एजेंडे का उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों के बीच विकासशील देशों के लिए एक मजबूत मंच तैयार करना है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि BRICS को वैश्विक स्थिरता और आर्थिक सहयोग में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

संघर्ष और वैश्विक संकटों पर चर्चा

बैठक के दौरान मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभावों का उल्लेख किया गया। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय संबंध कई चुनौतियों से गुजर रहे हैं और ऐसे में बातचीत और सहयोग ही समाधान का रास्ता है। उन्होंने व्यापार, तकनीक और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं को भी वैश्विक चिंता का विषय बताया।

दूसरे दिन की बैठक में आगे की रणनीति पर फोकस

बैठक के दूसरे दिन ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि विशेष सत्रों में भाग लेंगे, जिनमें वैश्विक शासन व्यवस्था और बहुपक्षीय सुधारों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद भविष्य की रणनीतियों और सहयोग के नए क्षेत्रों पर विचार किया जाएगा। भारत ने उम्मीद जताई है कि यह बैठक BRICS देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगी और वैश्विक चुनौतियों का समाधान निकालने में मदद करेगी।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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